जब रुचिका को लगी लंड में रूची

हेल्लो दोस्तों एक बार फिर से हाज़िर हूँ आप सभी का मनोरंजन करने के लिए सेक्सी कहानियों की दुनिया के इस मंच पर, तो चलिए आज में आपको हाल ही में मेरे साथ बीती एक सच्ची कहानी के बारे में बताता हूँ। तो चलिए बढ़ते है कहानी की तरफ।

कहीं बार ऐसा होता है कि हम इंसान एक दूसरे को समझने में थोड़ी ग़लतियाँ कर देते है। असल मे कुछ लोग वैसे नही होते है जैसा हम उन्हें समझते है। इस बात का अंदाजा मुझे उस समय हुआ जब मेरी मुलाकात रुचिका के साथ हुई।

मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ। हम जहां पर रहते है वह अच्छे और अमीर लोगों का इलाक़ा है जहां पर मेरी ओर मेरे परिवार की काफी ज्यादा इज़्ज़त है। मेरे घर के ठीक सामने शर्मा जी का मकान है। शर्मा जी के हम से परिवार जैसे संबंध है। ऐसा लगता ही नही है कि हम दोनों एक दूसरे से अलग है। शर्मा जी की दो लड़की और एक लड़का है। लड़के का नाम आदित्य ओर लड़कियों का नाम अदिति ओर रुचिका है। रुचिका, शर्मा जी की सबसे छोटी लड़की है।

हम दोनों ही परिवारों को एक दूसरे के साथ अक्सर कोई ना कोई काम पड़ता ही रहता है। शर्मा जी का लड़का आदित्य मेरा काफी अच्छा दोस्त है। इसलिए जब वो कही बाहर जाता है तो उसके घर के ज्यादातर कामों को मै ही सम्भालता हूँ। शर्मा जी भी मुझे काफी अच्छा लड़का समझते है। यहां तक कि शर्मा जी की दोनों लड़कियों को तो मैं अपनी बहन जैसा मानता हूं।

एक बार की बात है जब शर्मा जी की सबसे छोटी लड़की रुचिका की स्कूल की परीक्षा नज़दीक आ रही थी। रूचिका को एक प्रोजेक्ट बनाना था, जिसे उसे सुबह-सुबह अपने स्कूल में ले जाकर सबमिट करना था। आदित्य घर पर नही था, इसलिए रूचिका अपना लैपटॉप लेकर मेरे घर पर आ गयी। उस दिन में भी फ्री था, तो मेने सोचा कि चलो रूचिका की उसके प्रोजेक्ट बनाने में मदद कर देता हूँ।

अब तक प्रोजेक्ट बनाते हुए मुझे आधा घण्टा बीत चुका था। रूचिका भी मेरे पास में मेरे साथ ही बैठी हुई थी। मैं प्रोजेक्ट से रिलेटेड कुछ चीज़ें डाउनलोड कर रहा था, तभी मेरा ध्यान ब्राउजर हिस्ट्री की तरफ गया। जैसे ही मेरा ध्यान ब्राउजर हिस्ट्री की तरफ गया मेरे तो पैरों तले जैसे जमीन ही खिसक गई थी। में देखा कि रूचिका ने अपने ब्राउज़र में कुछ पोर्न साइट भी सर्च की हुई थी। यहीं नही रूचिका भी मेरी ही तरह इसी वेबसाइट पर सेक्स स्टोरी भी पढ़ा करती थी। रूचिका ने भी ये सब देख लिया था कि मेने उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री चैक कर ली है।

मेने बिना देरी किये उससे पूछा ये सब क्या है तुम पोर्न फिल्में ओर सेक्स स्टोरी पढ़ती हो? ये सब तुम कब से कर रही हो। रूचिका बिल्कुल शांत खड़ी रही और उसने मुझे कुछ नही बताया। मेने रूचिका से कहा “देखो अभी तुम जाओ और मुझे रात को फोन करना” ओर फिर रूचिका अपने घर पर चली जाती है। मैं अकेला बस यही सोच रहा था कि इतनी सीधी दिखने वाली लड़की आखिर ऐसा कर भी कैसे सकती है? मैं तो काफी हैरान हो गया था।

रात को जब रूचिका का फ़ोन आया तो मेने उससे पूछा कि “ये सब तुमने कब से शुरू किया?

रूचिका ने मेरी बातों का जवाब देते हुए कहा कि मैं लड़कियों वाले स्कूल में पढ़ती थी, जहां पर सभी लड़कियों के ब्वॉयफ़्रेंड थे। वे सभी सेक्स कर चुकी थी और उन्ही ने मुझे अश्लील फ़िल्मे दिखाना शुरू किया। मुझे ये सब देखते हुए सेक्स की इच्छा होने लगी तब से ही मैं सेक्स कहानियां पढ़ती हूँ। तुम प्लीज इसके बारे में किसी को बताना मत।

पहले तो मैं काफी हैरान था। लेकिन मेने भी बाद में बात को ढीली करते हुए रूचिका से कहा कि “ये सब तो आम है मैं खुद भी वेबसाइटों पर सेक्स स्टोरी लिखता हूँ। ऐसे करते-करते रूचिका ओर मेरी काफी ज्यादा बातचीत होने लगी। हम दोनों रोज़ाना फ़ोन पर एक दूसरे से बातचीत करने लगे।

रूचिका एक भोली सी दिखने वाली गौरी ओर रेशमी बालों वाली लड़की है। उसका शरीर भी एक दम मस्त बना हुआ है। वो किसी परी की तरह लगती है। रूचिका के बारे में इतना कुछ जान लेने के बाद अब मुझे उसे चोदने की इच्छा हो रही थी। एक दिन रात को फ़ोन पर ही बातें करते हुए मेने रूचिका से पूछ लिया कि “क्या तुम मेरे साथ सेक्स कर चाहोगी?” रूचिका कुछ देर तक तो ऐसे ही चुपचाप खड़ी रही,फिर उसने मुझसे कहा “ हां लेकिन किसी ने देख लिया तो?

कोई नही देखेगा और हमारी दोनों की फैमिली इतनी घुली मिली है कि किसी को शक भी नही होगा। ऐसा कर की कल तू मेरे घर पढ़ाई के बहाने से आजा वैसे भी मेरे घर कल कोई भी नही रहेगा- मेने रूचिका को जवाब देते हुए कहा

मेरे कहे हुए मुताबिक़ रूचिका अगले ही दिन मेरे घर पर पढ़ाई करने के लिए आती है। मैं उस दिन रूचिका को चोदने के लिए पूरी तैयारी में था। लेकिन हम दोनों ही समझ नही पा रहे थे कि शुरू आखिर कैसे करना है? तभी हम दोनों ने रूचिका के मोबाइल पर एक सेक्स स्टोरी पढ़ने के बारे में सोचा।

सेक्स स्टोरी पढ़ने के बाद में काफी गर्म हो रहा था। साथ ही रुचिका भी थोड़ा खुल कर बातें करने लग गयी थी। कुछ देर बाद ही रूचिका ओर मेने एक दूसरे की तरफ देखा और फिर एक दम से एक दूसरे को चूमना शुरू कर दिया। रूचिका के नर्म होंठ को चूमकर मेरा लंड खड़ा होता जा रहा था। हम दोनों एक दूसरे को पूरे शरीर पर चूमते जा रहे थे। रूचिका ने आज तक किसी के साथ सेक्स नही किया था, इसलिए उसे ठीक से कुछ भी करने की आदत नही थी।

रूचिका का शरीर काफी ज्यादा नरम था। मैं उसे चोदने के लिए मानों बेताब सा होता जा रहा था। मेने बिना देरी किये कुछ ही देरी में अपने सख्त औजार को पेंट से बाहर निकाल लिया। मेरे भाले जैसे दिखने वाले लंड को देखकर रूचिका हैरान ही रह गयी थी। जैसे उसने पहली बार किसी का इतना लंबा औजार देखा हो। मेने रूचिका को अपने ओजार को मुंह मे लेने के लिए कहा। रूचिका अपने घुटने के सहारे बैठकर मेरे ओजार को अपने मुंह मे लेने लगी। भले ही वो ऐसा पहली बार कर रही थी लेकिन वह बहुत ही बढ़िया तरीके से मेरे लंड को अपने मुंह मे ले रही थीं साथ ही उसके नर्म हाथ मेरे लंड को ओर भी ज्यादा सख्त बना रहे थे।

उसके इस तरह लंड चूसने पर मानों मैं तो बिल्कुल फिदा ही हो गया था। थोड़ी देर बाद मेने रूचिका को खड़े होने को बोला और फिर हम दोनों जल्दी- जल्दी से एक दूसरे के ऊपर के कपड़े खोल दिये। अब निकिता सिर्फ स्कर्ट में थी और में बस अपनी पेंट में था। रूचिका के एक दम सफेद बूब्स ओर गुलाबी निप्पल देखकर मेरे से बिल्कुल भी रहा नही जा रहा था। मेने रूचिका के बूब्स को पकड़कर उन्हे चूसना शुरू कर दिया था। रूचिका मेरे सिर को पकड़ कर आह आह ओह्ह की सिसकारियां ले रही थी। मुझे काफी मजा आ रहा था। उसके बूब्स काफी नर्म ओर बड़े थे। ऐसा लग रहा था जैसे उसके बूब्स को हमेशा ऐसे ही दबाते रहूं।

मेरे पास ज्यादा समय नही था। इसलिये मेने रूचिका को गोद मे उठाया और उसे सीधा बिस्तर को तरफ ले गया था। मेने पहले उसे बिस्तर पर लिटाया ओर फिर उसकी पेंटी को उतार कर नीचे फेंक दिया। पहले मेने उसकी चुद की तरफ देखा ओर फिर अपने जीभ के सहारे उसके बीज को चाटना शुरू कर दिया। रूचिका काफी ज्यादा उत्तेजित हो गयी थी। वो आह आह ओह्ह अम्म की आवाजें निकाल रही थी। आज उसके भी चुदने की इच्छा पूरी होने वाली थी। कुछ देर बाद ही मेने अपनी पूरी पेंट को निकाल कर उसे नीछे फेक दिया। और फिर पाने हाथों से रूचिका की चुद को चोदना शुरू कर दिया। वो काफी ज्यादा उत्तेजित होती जा रही उसके मुंह की तेज आवाजें पूरे कमरे में गूंजे जा रही थी।

अब मेने अपने लन्ड पर कंडोम चढ़ाया ओर रूचिका को चुद को ओर ज्यादा गुलाबी करने के लिए तैयार हो गया। रूचिका मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी। क्योंकि वो भी पहली बार किसी के लण्ड को अपनी चुद में घुसता हुआ महसूस करने वाली थी। पहले तो मैने अपने लंड को रूचिका की चुद की सतह पर रगड़ा ओर फिर मेने अपने लंड को उसके छेद पर रख दिया। अब मेने धीरे से सिर्फ टोपे तक ही अपने लंड को उसकी चुद में डाला। मेरे लंड को डालते से ही रूचिका के मुंह से जोर की आह निकल गयी। अब में बस टोपे तक ही अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। रूचिका को अब तक काफी मजा आ रहा था। कुछ देर बाद मेने बिना बताए ही अपने पूरे लंड को ही उसकी चुद में उतार दिया। उसके मुंह से जोर की चीख निकल गयी और उसने कहा बाहर निकालों इसे। मेने अपने लंड को बाहर निकाला तो देखा की निकिता की सील टूट गयी है। उसने कुछ ही देर में रोना शुरू कर दिया। मेने उसे काफी समझाया ओर फिर उसके पैरों को और मेरे लंड साफ किया। एक घंटे बाद उसे समझा लेने के बाद हमने फिर से सेक्स किया। इस बार फिर से मैने एक ही झटके में अपना पूरा लण्ड उसकी चुद में उतार दिया और उसके मुंह को अपने हाथ से बंद कर के पूरी रफ्तार के साथ उसको चोदना शुरू कर दिया। मैं कुछ देर ऐसे ही उसके मुंह पर अपने हाथ को रख कर चोदता रहा और फिर मेने उसके मुंह से हाथ हटा दिया।

उसके मुंह से आउच्च आह अमम्म की आवाजें निकल रही थी। अब जाकर में थक गया था और बिस्तर पर जाकर सीधा लेट गया। इतने में रूचिका मेरे ऊपर आकर बैठ गयी और मेरे लंड को चुद में सेट कर के ऊपर नीचे होकर चुदने लगी। हवा में उछलते हुए उसके बूब्स काफी मस्त लग रहे थे। वो आह आह की आवाजें निकाल कर मजे से चुद रही थी। कुछ देर बाद रूचिका ने अपना पानी छोड़ दिया और मेरा भी वीर्य बाहर आ गया। फिर हम दोनों ने कपड़े पहने ओर एक दूसरे से बातें करने में लग गए। अब रूचिका ओर मैं हर हफ्ते कम से कम दो बार चुदाई करते रहते है।

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