भैया से की जम कर चुदाई

नमस्कार दोस्तों, आप सभी का दिल से स्वागत करती हूं। मेरा नाम नेहा है और मैं रोजाना यहाँ पर सेक्स स्टोरी पढ़ने के लिए आती हूँ। वैसे मेरे पास भी मेरी एक सच्ची कहानी थी जो मेरे साथ करीब दो साल पहले बीती थी। लेकिन मुझे कहीं पर भी मेरी कहानी को सुनाने का मौका नही मिल राह था। आज इस मंच के माध्यम से मैं आप सभी को मेरी कहानी सुनाने जा रही हूं।

मेरा नाम नेहा है और मैं अभी कॉलेज के पहले साल की छात्र हूँ। मैं कोटा की रहने वाली हूँ। मुझे पढ़ने लिखने का काफी ज्यादा शौक है यहीं नही में अपने क्लास की टॉपर भी हूँ। मैं लोगों को काफी भोली ओर पढ़ाई लिखाई करने वाली होशियार लड़की लगती हूँ लेकिन में थोड़ी चंट लड़की भी हूँ। तो बात करीब 2 साल पहले की है जब मेरी मम्मी को मेरी भुआ के घर से फ़ोन आता है जिसमे भुआ मेरी माँ से कहती है कि “आप नेहा को कुछ दिन के लिए क्या हमारे घर पर भेज सकती है कुछ दिन से मेरी तबीयत काफी खराब है इसलिए मुझे उसकी थोड़ी मदद चाहिए थी।”

भुआ की कोई बेटी नही है केवल उनका एक बेटा ही है इसलिए माँ ने भुआ के घर जाने की मुझे इजाजत दे दी थी। मैं भुआ के यहां करीब 3 साल बाद जा रही थी इसलिए मुझे काफी ज्यादा अजीब लग रहा था। कुछ दिन बाद में भुआ के घर आ चुकी थी। मेने देखा कि भुआ के बेटे जिन्हें मैं भैया कहती थी। वो अब ओर भी ज्यादा बड़े हो चुके थे। भैया काफी ज्यादा स्मार्ट और हैंडसम लगने लगे गए थे। वैसे तो मुझे लड़को को देखने की बिल्कुल भी आदत नही है लेकिन भैया के चेहरे पर एक अलग ही चमक थी जो मुझे बार-बार उनकी तरफ देखने के लिए मजबूर किये का रहे थे। भैया भी मुझे काफी घूर रहे थे लेकिन उनको नजर मेरे चेहरे से ज्यादा मेरे जिस्म की तरफ ज्यादा जा रही थी। लेकिन मेने इस बात को नजर अंदाज कर दिया क्योंकि लड़कों की तो आदत होती है लड़कियों को देखते रहने की इसलिये मेने इसे ज्यादा गंभीर नही समझा था।

रोज की तरह भैया को देखने की वजह से अब मुझे उनकी आदत हो गयी थी। रोज किसी ना किसी बहाने भैया मुझे स्पर्श करने का बहाना ढूंढा करते थे। लेकिन मैं उनके इस व्यवहार को ठीक से समझ ही नही पा रही थी। शायद इन सब चीजों को समझने के लिए मैं काफी छोटी थी। मेरी जिंदगी में मेरा ज्यादातर ध्यान केवल पढ़ाई की ही तरफ था इसलिए मुझे उनके किसी भी तरह के इशारे ठीक से समझ ही नही आ रहे थे।

एक बार की बात है जब भैया किसी काम से बाहर गए हुए थे। तभी मेने ऐसे ही थोड़ा टाइमपास करने के लिए उनका लेपटॉप चलाना शुरू कर दिया। तभी मेरी नजर लेपटॉप के अंदर मौजूद गुप्त फोल्डर के ऊपर गयी। जैसे ही मेने फोल्डर खोला तो मेरी आँखें फटी की फटी ही रह गयी थी। मेने देखा कि फोल्डर के अंदर कुछ अश्लील फिल्में रखी हुई है। मेने पहली बार अश्लील फिल्में देखी थी इसलिए मेने उन वीडियो को चला कर देखा था। वीडियो में एक लड़की दो लोगों के साथ सेक्स कर रही थी। मेने देखा कि वो दोनों लड़के उस लड़की को बहुत ही बेरहमी से चोद रहे थे। यह सब देखकर मेरी भी चुद में पता नही क्यों खुजाल चलना शुरू हो गयी थी। उन वीडियो को देखकर अपनी योनि पर हाथ फेरना पता नही क्यों मुझे भी अच्छा लग रहा था। कुछ समय बाद भैया घर आने वाले थे इसलिए मेने लैपटॉप को चुपचाप से बंद कर के रख दिया था।

उन वीडियो को देखने के बाद पता नही क्यों नहीं पर मेरा भी चुदाई का मन कर रहा था। लेकिन मेने आज तक किसी के भी साथ चुदाई नही की थी। कुछ दिनों बाद ही मुझे अपने घर मे वापस लौटना था। एक बार की बात है जब घर मे कुछ मेहमान आये हुए थे, इसलिए भुआ के लड़के और मुझे एक ही रूम के अंदर सोना था। उस दिन भैया ओर मैं एक ही रूम में सोए हुए थे लेकिन हम अलग – अलग बैड पर सोए हुए थे।

करीब आधी रात हो चुकी थी, तभी मुझे अपने बैड पर किसी की आवाज आई मैं उल्टी दिशा में मुंह कर के सोई थी लेकिन मैं समझ गयी थी कि भैया मेरे पीछे आकर सो गए है। मेने धीरे से अपना हाथ पीछे कर के बात को पक्का करना चाहा तभी मेरा हाथ गलती से भैया के लन्ड से टकरा गया था। भैया का कड़क ओर मोटा लण्ड काफी तेज तना हुआ था। धीरे- धीरे भैया मेरी तरफ खिसक रहे थे और उनका लन्ड मेरी गांडों से टकरा रहा था। उनके लण्ड से मेरी गांडों में स्पर्श होने से मुझे उत्तेजना होती जा रही थी। भैया भी यह बात जानते थे कि मैं जाग चुकी हूं लेकिन अभी भी सोने का नाटक रही हूं। मेरे साथ पहली बार यह सब हो रहा था ओर मुझे ये सब काफी अच्छा भी लग रहा था। यही वजह थी कि मैने जैसा चल रहा है वैसा ही चलने दिया।

अब भैया धीरे से मेरी पीठ पर हाथ फेर रहे थे। उनके स्पर्श से मेरी सांसे तेज होती जा रही थी। साथ ही मेरी उत्तेजना भी बढ़ती जा रही थी। मैं अपने बूब्स ओर योनि को भी टाइड होता हुआ महसूस कर सकती थी। भैया ने हाथ फेरते हुए अब मेरी टी शर्ट के अंदर हाथ डाल दिया था और अपने हाथों से मेरी कमर को सहलाना भी शुरू कर दिया था। मैं थोड़ा सा हिल गयी थी, जिससे भैया को पूरी तरह से पक्का हो गया था कि मैं अभी तक जाग ही रही हूं। अब मैं कुछ नही कर सकती थी इसलिये मैं भैया की तरफ अपना मुंह कर के पलट गई और उनका हाथ पकड़कर उनसे कुछ बातें करने लगी थी। भैया ने एक रोमांटिक अंदाज में मेरे होंठ पर अपने होंठ को रख कर चूमना शुरू कर दिया था। मुझे भी यह सब काफी अच्छा लग रहा था इसलिए मेने भी भैया को अपने पांव से जकड़ कर उन्हें चूमना शुरू कर दिया था।

भैया मुझे चूमते हुए मेरी लोवर में अपना हाथ डालकर मेरी योनि को मसल रहे थे। अब मैं इतनी उत्तेजित होती जा रही थी कि मेरा भी चुदने का काफी मन किये जा रहा था। कुछ ही देर बाद भैया ने मेरी टी शर्ट को नीचे उतार कर फेंक दिया और मेरी कमीज को भी उतार कर फेंक दिया। अब मैं भैया के सामने ऊपर की तरफ से पूरी तरह नंगी थी। तभी भैया ने मुझसे पूछा ‘नेहा तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है?

नही – मेने जवाब देते हुए कहा

इतना सुनकर ही भैया ने मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर दिया था। मेने भैया को दूर करने का प्रयास भी किया पर उन पर तो जैसे मुझे चौदने का जुनून ही सवार था। मैं भी कुछ नही कर सकती थी क्योंकि मेरा भी पहली बार किसी से चुदने का काफी ज्यादा मन कर रहा था। भैया ने देखते ही देखते मेरे लोवर को निकाल कर पेंटी को भी उतार कर फेंक दिया था। अब मैं भैया के सामने पूरी तरह से नंगी लेट हुई थी। भैया ने पहले तो मुझे उत्तेजित करने के लिए मेरी योनि में उंगली डालकर मुझे चौदना शुरू कर दिया था। मेरे मुंह से उत्तेजना के कारण ‘आह ओह अम रुक जाओ’ की आवाजें आ रही थी। लेकिन भैया भी जोर जोर से मुझे उंगली से ही चोदे जा रहे थे। उन्होंने मेरी योनि को चाटना शुरू कर दिया था। अब मैं चुदने के लिए ओर भी ज्यादा तड़पे जा रही थी और मुझसे बिल्कुल भी इंतजार नही हो पा रहा था।

जैसे ही भैया ने मेरी योनि का चाटना बंद किया फिर मेने भी उनके लन्ड को चूसना शुरू कर दिया था। मेने अश्लील फिल्मों की तरह भैया के लण्ड को अपने पूरे मुंह तक उतार कर चूसना शुरू कर दिया था।अब भैया से भी बिल्कुल इंतजार नही हो रहा था। उन्होंने कंडोम पहना ओर मुझे पकड़कर जोर से उलटा लेटा दिया। इसके बाद उन्होंने अपने लंड को ठीक मेरी योनि में सेट किया और एक ही बार मे अपने लण्ड को मेरी योनि में उतार दिया। भैया की अचानक से ऐसी कार्रवाई से मुझे दर्द के कारण तेज चीख निकल गयी और इसी दौरान भैया का लंड फिर से बाहर निकल गया था। भैया ने अगली बार धीरे से अपने लंड को मेरी चुद के अंदर घुसाया ओर धीरे-धीरे से मुझे चोदना शुरू कर दिया। मुझे भी काकी ज्यादा मजा आ रहा था। मैं पहली बार चुदाई कर रही थी, इसलिए भैया को कह रही थी ‘ओर जोर से मुझे चोदो भैया’। उस दिन भैया ने पूरी रात भर मुझसे चुदाई की। मैं कुछ ही दिनों में अपने घर निकलने वाली थी इसलिए मैंने भी भैया से बहुत अलग -अलग पोजिशन में चूदवाया ओर चुदाई का बहुत ही ज्यादा मजा लिया था। उस दिन के बाद से में आज तक भुआ के यहां हर महीने किसी ना किसी बहाने जाती हूँ और भैया से अपनी चुद की भूख को शांत करवाती हूँ।

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