दोस्त की बड़ी बहन को चोदा

हेल्लो, दोस्तों मेरा नाम आयुष है और मैं भोपाल का रहने वाला हूँ। फिलहाल अभी में काफी छोटा हूँ मैं केवल 18 साल का हूँ। अभी में केवल 11वी कक्षा में हूँ लेकिन मुझे अभी से ही कंप्यूटर और हैकिंग मैं काफी ज्यादा इंटरेस्ट है। कंप्यूटर हैक करना तो मैं बचपन से ही सीखता आ रहा हूँ। मैं काफी छोटा हूँ लेकिन अभी से ही मुझे सेक्स की लत लग गयी है। मैं भले ही काफी होशियार लड़का हूँ लेकिन इसके अलावा मैं बहुत ज्यादा कामुक भी हूँ। पोर्न देखकर मुट्ठ मारना तो अब आम बात हो चुकी है। मैं यहां पर भी अक्सर लोगों की सेक्स की कहानी सुनने आता हूँ और सच बताऊं तो मुझे सभी लोगों की सेक्स की कहानी सुनने में काफी ज्यादा मजा आता है। यहां सभी लोगों को अपनी सेक्स की कहानी बताते हुए देखकर मेरा भी काफी मन कर रहा था कि मैं भी यहां पर अपनी सच्ची कहानी आप सभी के सामने शेयर करूँ। तो चलिए आज मैं आपको अपनी कहानी के बारे में बताता हूँ।

मैं काफी होशियार लड़का हूँ लेकिन ये जो सेक्स की लत है वो मुझ पर काफी बुरी तरह से हावी हो चुकी है। दिन भर मेरे मन मैं बस सेक्स करने के ही ख्याल आते है और यही वजह है कि रोज मुट्ठी मार कर मैं अपना गुजारा करता हूँ। मेरी शक्ल भी इतनी अच्छी नही है कि कोई लड़की मुझ से पट जाए, इसलिए हाथ हिलाकर ही अपना काम चलाना पड़ता है। मुझे मुट्ठ मारने का भी एक अलग ही चस्का है और हमेशा अलग-अलग पोर्न ढूंढकर मैं मुट्ठ मारता रहता हूँ। कभी कभी जब मुझे पोर्न नही मिलती है तो मैं अपने स्कूल का कंप्यूटर हैक कर के उसमे से अपने स्कूल की खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें निकाल कर उसे देख कर हिलाता रहता हूँ। कभी कभी तो अपने स्कूल की लड़कियों के फेसबुक और व्हाट्सएप अकाउंट को हैक कर के मैं उनके फोटो देख कर मुट्ठ मार लिया करता हूँ। लेकिन कुछ समय बाद मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ जिसके बारे मैं आप सोच भी नही सकते है।

तो बात आज से करीब 5 महीनें पहले की है जब मैं अपने स्कूल के दोस्त के साथ कुछ जरूरी नोट्स लेने के लिए उसके घर गया हुआ था। जैसे ही अपने दोस्त के साथ उसके घर के दरवाजें पर पहुंचता हूँ उसकी दीदी तुरंत दरवाजें से बाहर निकल कर कही पर जा रही होती है। मेरे दोस्त की बड़ी बहन लम्बे कद वाली गौरी, ओर उभरे शरीर वाली एक हॉट माल है। जब वह मुझे दिखी तो उसके उभरे हुए बूब्स ओर गांड देखकर तो मेरा लंड ही खड़ा हो गया था। भले ही वो दीदी मुझसे कुछ साल बड़ी थी लेकिन उसके गौरे चेहरे और आंखों में काजल देखकर तो मुझे उससे प्यार ही हो गया था। जब मैने अपने दोस्त से उसकी दीदी का नाम पूछा तो उसने निशा नाम बताया था। उसके बाद मैं दोस्त से नोट्स लेकर तुरंत अपने घर चला आया था। मैं घर पर लेटा हुआ था लेकिन मेरे दिमाग मे अभी तक अपने दोस्त की दीदी का वो प्यारा सा चेहरा ओर वह लचीला शरीर नजर आ रहा था। मैं अपने दोस्त की बहन निशा से काफी छोटा था इसलिए उसे पटाने का तो सवाल ही नही उठता था। लेकिन अगर वो मेरी उम्र की होती तो भी शायद वो मेरी शक्ल को देखकर भाव भी नही देने वाली थी।

इस सब को लेकर तो अब मैं कुछ नही कर सकता था। लेकिन उसकी बहन मेरे दिमाग से हट ही नही रही थी। रोजाना बाथरूम मैं जाकर उसकी बहन के नाम की मुट्ठी मारना भी मेरे लिए एक आम बात हो गयी थी। मेने यह पता किया था कि निशा दीदी कॉलेज में पढ़ती है। अब मैं रोज उनके कॉलेज जाकर उन्हें देखा करता था। उनके कॉलेज जाकर मुझे पता चला कि उनका एक बॉयफ्रैंड भी है। यह सब जानकर मुझे निशा दीदी के बॉयफ्रैंड से काफी ज्यादा जलन हो रही थी। मुझे बिलकुल भी अच्छा नही लग रहा था और यह सब जानने के बाद मुझे नींद भी नही आ रही थीं। इतने दिनों के अंदर मैं एक बात को तो काफी अच्छे से समझ गया था कि मुझे निशा को देखकर सिर्फ सेक्स करने का मन होता है और शायद एक बार मैं निशा दीदी को चोद दूं, तो शायद मैं उन्हें भुला सकता हु। लेकिन एक बात मैं काफी अच्छे से जानता था कि ऐसा सबकुछ करना तो लगभग नामुकिन है ऐसा मैं कभी जिंदगी मैं नही कर पाऊंगा।

मैं निशा की खूबसूरती के कारण इतना पागल हो गया था कि मेरा दिमाग ओर किसी चीज़ मैं लग ही नही रहा था। मेने निशा दीदी को लाख भुलाने की कोशिश की लेकिन अब सबकुछ नामुमकिन सा लग रहा था। हम छोटे लड़कों की यही कमजोरी होती है कि हम बड़ी लड़कियों की तरफ ज्यादा आकर्षित होने लग जाते है। फिर एक दिन मेरी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया जिसके बारे में आप सभी सोच भी नही सकते हो। एक दिन मेने अपने दोस्त के घर पढ़ाई के बहाने जाकर निशा दीदी के मोबाइल पर एक स्पाई सॉफ्टवेयर डाल दिया था। उस सॉफ्टवेयर के डालने के बाद वह मोबाइल पूरी तरह से अब मेने हैक कर लिया था और अब निशा के साथ ही उसके मोबाइल की सभी जानकारी मुझे भी मिलने लग गयी थी। निशा दीदी के मोबाइल में सॉफ्टवेयर स्थापित करने के बाद अब मैं अपने लैपटॉप से निशा की सभी जानकारियां अपने लैपटॉप से जान सकता था। एक दिन रात के समय जब मैं,  निशा दीदी के मोबाइल के सभी फ़ोल्डरों की छान बीन कर रहा था, तभी मेरे हाथ मे एक ऐसी चीज़ लगती है जिसे देखकर तो मेरा दिमाग ही खराब हो जाता है।

मुझे निशा दीदी के मोबाइल में एक गुप्त फोल्डर दिखता है जिसमे निशा ओर उनके बॉयफ्रैंड की कुछ नंगी तस्वीरें और सेक्स की कुछ वीडियो भी शामिल थी। वीडियो में निशा दीदी की चुद के दर्शन करने के बाद अब मेरा दिमाग तो ओर भी ज्यादा पागल हुए जा रहा था। अब मुझसे ओर नही रहा जा रहा था और अब मेने पूरी तरह से ठान लिया था कि अब मैं निशा को किसी ना किसी तरह से चोद कर ही रहूंगा। मेने यह भी सोच लिया था कि मैं एक बार निशा दीदी के साथ जम कर चुदाई करूँगा ओर फिर उनकी जिंदगी से पूरी तरह से दूर ही हो जाऊंगा। अगले दिन मेने निशा दीदी को फ़ोन लगाया और उनसे आवाज बदल कर बातें करते हुए कहा कि “आपके मोबाइल पर कुछ फोटो और वीडियो आने वाली है उसे देखने के बाद मुझे दुबारा से फोन करना” इतना कह कर मेने फोन रख दिया और निशा दीदी के सभी फ़ोटो ओर वीडियो उन्हें भेज दिए।

कुछ देर बाद निशा दीदी का फ़ोन मुझे आता है और वो मुझसे कहती है कि “तुम कौन हो? तुम्हारे पास ये सब चीजें कैसे आयी और प्लीज इसे किसी ओर को मत दिखाना” कह कर वो मुझसे भीख मांगने लग गयी थी।

“देखो मैं यह किसी को नही दिखाऊंगा, लेकिन तुम्हें इसके लिए मेरी एक शर्त माननी होगी। – मेने जवाब देते हुए कहा

देखो मैं तुम्हारी हर तरह की शर्त मानने को तैयार हूं पर प्लीज तुम इसे ओर किसी को मत देना और प्लीज बताओं की तुम्हारी क्या शर्त है? -निशा ने मुझसे सवाल करते हुए कहा

देखो तुम्हें यह सब सुनकर काफी अजीब लगेगा कि मैने आज तक किसी के साथ सेक्स नही किया है और अगर तुम चाहती हो कि तुम्हारी ये वीडियो मैं किसी भी जगह वायरल नही करूँ तो तुम्हे मेरे साथ सेक्स करना होगा – मेने जवाब देते हुए कहा

तुम पागल हो क्या तुम्हारा दिमाग भी ठिकाने पर है, या नही ये तुम कैसी बात कर रहे हो? – निशा ने गुस्सा होते हुए कहा

ठीक है फिर ये वीडियो मैं तुम्हारे घर वालों को भेज देता हूँ – मेने कहते हुए फ़ोन रख दिया

कुछ समय बाद फिर से निशा दीदी का फ़ोन आता है और वो केवल एक बार मुझसे सेक्स करने के लिए मान जाती है। मेरी खुशियों का उस दिन कोई ठिकाना ही नही था। जिंदगी में पहली बार मैं किसी के साथ सेक्स करने वाला था और वो भी एक हूर की परी के साथ मैं सेक्स करने वाला था, इसलिए मैं उस दिन काफी अच्छा महसूस कर रहा था। मेने अपने दोस्त से कह कर एक कमरे की जुगाड़ कर ली थी और एक दिन दोपहर के समय निशा दीदी को रूम पर आने के लिए कह दिया था। उस दिन मेने अपने चेहरे पर एक मास्क पहन लिया था जिससे कि निशा दीदी मेरी शक्ल को पहचान नही पाए। निशा दीदी मेरे कहे हुए मुताबिक उस रूम पर पहुंच चुकी थी। निशा दीदी ने उस दिन एक रेड हॉट ड्रेस पहन रखी थी। उसे देखकर ही मेरा लन्ड खड़ा हो कर सलामी देने लग गया था। निशा ने रूम में घुसते हुए ही मुझसे कहा कि “तुम्हारे पास केवल 2 घंटे का समय है तुम्हे जो करना है जल्दी करो और फिर मुझे हमेशा के लिए भूल जाना। बस इतना सुनने के बाद मेने निशा दीदी के पीछे जाकर उनकी ड्रेस में से दिख रही उनकी नंगी कमर को चूमना शुरू कर दिया था।

पीछे से मैने उनके गले को भी चूमना शुरू कर दिया था, जिस वजह से उनके मुंह से सिसकारियां आ रही थी और वह अपनी आंखों को बंद करते हुए और भी ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थी। मेने पीछे से ही उनकी ड्रेस को खोलकर उन्हें पहले पूरी तरह से नंगा कर दिया था। अब मेने उनके आगे आकर उनके होंठो को चूमना शुरू कर दिया था। उनके होंठ काफी नरम थे और उसे चूमने में मुझे काफी मजा आ रहा था। कुछ देर बाद ही मेने उनके नेंगे बूब्स को भी दबाना शुरू कर दिया था। मैं उनके बूब्स को रसीले आमों की तरह चूस रहा था और इसी दौरान निशा दीदी की आह अम्म ओह्ह की सिसकारियां भी निकले जा रही थी। अब कुछ ही देर मैं मेने अपने ओजार को बाहर निकाल दिया और निशा को चूसने के लिए इशारा किया। निशा दी मजबूर थी, वो चुपचाप अपने घुटने पर बैठी ओर मेरे लन्ड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लग गयी थी। मुझे भी काफी मजा आ रहा था और मेरे मुंह से भी ओह्ह ओह्ह की आवाजें निकले जा रही थी। कुछ ही देर में निशा दीदी मेरे लन्ड को चूसने में कंफर्टेबल हो गयी थी और वह पूरे मजे के साथ मेरे लंड को चूसते हुए अपनी योनि को भी मसले जा रही थी।

मैं समझ गया था कि निशा दीदी भी अब चुदने एक लिए बेताब होती जा रही है। मेने शुरुआत करने के लिए सबसे पहले निशा दीदी को बिस्तर पर लिटाया ओर फिर अपने हाथों की उंगली से निशा की चूत को चौदने लग गया था। उसके मुंह से जोर जोर की आवाजें निकल रही थी जो कि पूरे कमरे में गूंज रही थी। मेरे उंगली से चौदने के कारण निशा का पानी छूट गया था जिसे देखने के बाद तो मेरी उत्तेजना ओर भी ज्यादा बढ़ गयी थी। मेने बिना देरी किये अपने लंड को पहले निशा की चूत पर सेट किया और फिर उनकी गीली चूत में एक झटके में ही अपना लण्ड उनकी चूत में डाल दिया। अब मैं लंबे-लंबे झटकों के साथ निशा दीदी को चोद रहा था। अपने से बड़ी लड़की को चौदने का जो मजा होता है वो ओर किसी भी चीज़ में नही मिलता है। उस दिन मेरे पास दो घंटे ही थे, इसलिए मैंने निशा दीदी को काफी अलग अलग पोजिशन में चोदा ओर इस दौरान में 2 बार झड गया था। उस दिन के बाद मेने निशा को अपने कहे मुताबिक फिर कभी भी परेशान नही किया, लेकिन उस चुदाई को याद करता हूँ तो आज भी मजा आ जाता है।

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