जानें, मेरी सच्ची गे सेक्स स्टोरी

हेल्लो, दोस्तों मेरा नाम आशुतोष है और मैं मुम्बई का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 18 साल है और मैं एक गे हूँ। मैं अभी 10वी कक्षा में पढ़ रहा हूँ। मेरा शरीर काफी मुलायम और लचीला है और मेरी गांड तो काफी ज्यादा नरम है। मैं यहां अक्सर लोगों की कहानी सुनने आता हूँ और मुझसे यहाँ लोगों की सच्ची कहानी को सुनते हुए केवल दो महीने ही हुए है लेकिन मुझे लोगों की सेक्स स्टोरी को जानने में काफी मजा आता है। काफी दिनों बाद आज मुझे भी अपनी कहानी सुनाने का बड़ा मन हो रहा था। तो चलिए आज मैं आपको बताता हूँ कि मेरी गांड चुदाई की शुरुआत आखिर कैसे हुई थी।

जब मैं केवल 5 साल का छोटा बच्चा था, तभी से मेरा लड़को के प्रति आकर्षण बढ़ गया था। मैं लड़को से सिर्फ मस्तिष्क ही नही, बल्कि यौन भावनात्मक रूप से भी खींचा चला आता था। इसी वजह से बचपन से ही मैं यह जान चुका था कि मैं एक गे हूँ। तो चलिए अब मैं कहानी की तरफ बढ़ता हूँ। अक्सर ऐसा होता है कि लड़के तो किसी भी लड़की को पटा कर अपनी सेक्स जरूरत को पूरी कर लेते है लेकिन हम जैसे गे लोगों को किसी लड़के को पटा कर उसके साथ सेक्स करना काफी मुश्किल होता है। इसलिए हम सेक्स को लेकर काफी भूखे होते है। मेरी खास बात यह थी कि मेने अभी तक किसी को यह नही बताया था कि मैं एक गे हूँ। क्योंकि हमारे समाज में ऐसे लोगों का काफी मज़ाक बनाया जाता है। अक्सर गे पोर्न देखकर गांड के अंदर उंगली डालना मुझे काफी अच्छा लगता था।

स्कूल में मेरा अक्षत नाम का एक दोस्त था। अक्षत गौरा ओर आकर्षित दिखने वाला एक दम मस्त लड़का था। कभी-कभी तो ऐसा मन करता था कि उसी से ही अपनी गांड चुदाई करवा लूं| लेकिन जिस तरह में लड़कों से चुदने के लिए तरस रहा था, ठीक उसी तरह अक्षत भी किसी लड़की को चोदने के लिए उतना ही ज्यादा तरस रहा था। एक दिन ऐसे ही अक्षत के मजे लेने के लिए मेने फेसबुक पर लड़की के नाम से एक फेसबुक आईडी बनाई थी। इसके बाद मेने लड़की बनकर अक्षत से फेसबुक पर बातचीत करना शुरू कर दी थी। अक्षत मुझे पूरी तरह से लड़की समझने लग गया था और हम रात भर फेसबुक पर एक दूसरे से बातचीत करने लग गए थे। अक्षत की बातों से ऐसा लगता था जैसे उसे मुझसे यानी कि मेरी लड़की वाली फेसबुक आईडी से प्यार ही हो गया हो। हम दोनों कभी कभी एक दूसरे से सेक्स से संबंधित बातें भी किया करते थे। मैं हमेशा स्कूल में जब अक्षत का चेहरा देखता था, तो वह मुझे काफी खुश नजर आता था। शायद उसे मेरी लड़की वाली फेसबुक आईडी से प्यार हो गया था। मैं उसे ऐसे ही खुश देखना चाहता था, इसलिए मैंने उसे सच्चाई नही बताई और ऐसे ही उससे फेसबुक बातें करने लगा।

मेने झूठ मूठ में फेसबुक पर बात करते हुए अक्षत को यह तो बता दिया था कि मैं उसके क्लास की जूनियर हूँ लेकिन अभी तक मेने उसे अपना नाम नही बताया था। मैं उसके ऐसे ही मजे लेना चाहता था क्योंकि मुझे भी लड़की बन कर उससे फेसबुक पर बातें करना काफी अच्छा लगता था। बातें करते करते काफी समय बीत चुका था और अक्षत हमेशा मुझसे मिलने की जिद किया करता था। अब मैं ओर ज्यादा बहाने नही बना सकता था। इसलिए मैंने एक दिन अक्षत को एक पार्क में मिलने के लिए बुला लिया था। अक्षत मेरे बताए हुए समय के अनुसार मुझसे मिलने के लिए पार्क में आ चुका था। मैं अक्षत को चाह कर भी नही बता सकता था कि इतने समय से फेसबुक पर लड़की बनकर मैं उससे बातें कर रहा हूँ। इसलिए मैं चुपचाप से दूर खड़े होकर उसका पार्क में इंतजार करते हुए उसे देख रहा था। वह काफी समय तक ऐसे ही इंतजार करता रहा, लेकिन उसने जिस लड़की के बारे में सोचा था उसके ना आने के कारण वो काफी उदास हो चुका था। मैं वहां खड़े-खड़े उसकी आँखों मे उसकी उदासी को साफ साफ देख सकता था। मुझे काफी बुरा लग रहा था उसके लिए क्योंकि शायद मैं भी उससे अब बहुत ज्यादा प्यार करने लग गया था।

मेने सोच लिया था कि अब मैं अक्षत को ओर परेशान नही करूँगा ओर उसे अपने फेसबुक से भी हटा दूंगा। मेने बिल्कुल वैसा ही किया जैसा कि मैने सोचा था। मेने अक्षत को अपने फेसबुक से पूरी तरह से हटा दिया था। लेकिन इससे भी कोई बात नही बनी मुझसे रोज-रोज स्कूल में अक्षत का उदास चेहरा अब देखा नही जाता था। मैं समझ सकता था कि अक्षत चुदाई करने के लिए काफी बेताब है इसलिए मेने जैसे तैसे कर के अक्षत के साथ चुदाई करने का प्लान बना लिया था। हमारी स्कूल परीक्षा अब धीरे-धीरे काफी नज़दीक आ रही थी। स्कूल के कुछ दिन पहले मेने अक्षत के साथ अपने घर पर पढ़ाई करने का प्लान बनाया और 1 दिन के लिए अक्षत को मेरे ही घर रुकने के लिए मेने मना लिया था। ठीक उसी दिन रात के समय अक्षत पढ़ाई करने के लिए मेरे घर आ चुका था। उस दिन मेने रात को लोवर ओर टी-शर्ट पहन रखी थी।

उस दिन हम दोनों रात को एक साथ पढ़ाई करने के लिए बैठे हुए थे। मेने देखा कि अक्षत उस दिन भी काफी उदास नजर आ रहा था। मैं समझ चुका था कि अक्षत उसी फेसबुक वाली लड़की के बारे में सोच रहा है जिससे मैं उसके मजे ले रहा था। मेने उसे खुश करने के लिए उसे तकिये से मजाकिया अंदाज में मारने लगा और वो भी मुझे मुझे तकिये से मारने लगा। कुछ देर बाद मजाक में ही मारते हुए वो मेरे उपर चढ़ गया और मुझे हसाने के लिए गुदगुदी करने लग गया था। कुछ देर बाद वह मेरे ऊपर से हट गया और मैने देखा कि अक्षत की पेंट पर एक लंबा चौड़ा सा तम्बू बना गया है। उसने अपने लंड से बने तम्बू को तकिये से ढंकते हुए कहा कि “यार आशुतोष तेरा शरीर तो बिल्कुल लड़कियों की ही तरह नर्म ओर चिकना है।”

“अबे हट साले ये कैसी बातें कर रहा है?”- मेने हंस कर जवाब देते हुए कहा

अक्षत ओर मेने बातों को टालते हुए फिर से पढ़ाई करने में लग गए थे। कुछ देर बाद हमारा पढ़ाई में मन ही नही लग रहा था। इसलिए मैं मजाक करते हुए अक्षत को सेक्स स्टोरी पढ़ाने लगा। अक्षत ओर मुझे सेक्स स्टोरी पढ़ते हुए काफी मजा आ रहा था। स्टोरी पढ़ते हुए अक्षत का लण्ड खम्भे की तरह तन चुका था। मेने मौके पर चौका लगाते हुए अक्षत से पूछ ही लिया कि “भाई क्या हम भी लड़के और लड़कियों की तरह सेक्स करने का ट्राय करें?”

पागल है क्या? हम दोनों ही लड़के है आखिर ऐसे में कैसे मजा आएगा? अक्षत को पता नही था कि मैं एक गे हूँ इसलिए उसका यह सब कहना काफी हद तक सही भी था। लेकिन में यह बात जानता था कि अक्षत की काफी समय से कोई गर्लफ़्रेंड नही थी, इसलिए वो भी सेक्स करने का एक दम भूखा था। कुछ देर बाद हम दोनों फिर से सेक्स स्टोरी पढ़ने लगे, इस बार मेने ध्यान दिया कि अक्षत बार-बार अपना हाथ अपनी पेंट में डाल कर अपने लन्ड को सहला रहा है उसको ऐसे देखते हुए मेरा भी सेक्स करने का काफी मन किये जा रहा था। इस दौरान धीरे से मैने अपना हाथ अक्षत की पेंट में डाल दिया और अपने हाथों से उसके लंड को सहलाने लगा। इस बार फिर अक्षत ने मुझे कहा कि “भाई मुझे ऐसा लग रहा है जैसे किसी लड़की ने हाथों से मेरे लंड को सहलाया हो। मेने अक्षत से कहा कि “भाई हम दोनों ने ही आज एक सेक्स नही किया है तो ऐसे ही थोड़े मजे कर के देख लेते है।

इतना कहते ही मेने अक्षत के लंड को मसलते हुए उसे चूमना शुरू कर दिया था। अब तक अक्षत भी काफी उत्तेजित होता नजर आ रहा था, तो उसने भी मेरे गले और होंठो पर चुंबन की बरसात कर दी थी। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि अक्षत मुझे फेसबुक वाली लड़की समझ कर ही मेरे साथ सेक्स कर रहा है। अक्षत मेरे गले के साथ ही मेरी छाती को भी चूमता ही जा रहा था। उसके इस तरह से चूमने से मेरे शरीर मे तेज कंपन महसूस हो रही थी। मेने अब तुरंत ही अक्षत की पेंट को उतार कर उसे नंगा कर दिया और उसके मोटे ओर लंबे लंड को बाहर निकाल दिया। मैं उसके लंड की लम्बाई को देख कर सच मे काफी हैरान था। मेने तुरंत ही उसके लंड को पूरी तरह से अपने मुंह मे उतार लिया और धीरे-धीरे मैं उसके लंड को चूसने लग गया था।अक्षत के मुंह से सिसकारियां निकल रही थी और मुझे भी काफी मजा आ रहा था। मैं उसके गोटे ओर लंड को सहलाते हुए ऐसे ही 20 मिनट तक उसके लंड को चूसता ही रह गया था।

कुछ 20 मिनट बाद अक्षत ने उंगलियों से मेरी गांडों को चोदना शुरू कर दिया था। मुझे काफी मजा आ रहा था। अक्षत अपनी पूरी रफ्तार के साथ मेरी गांडों में उंगली कर के मुझे उंगलियों से चोदते ही जा रहा था। इसके बाद उसने मुझे अपनी जीभ से मेरी योनी को चोदना शुरू कर दिया था। करीब 10 मिनट तक उसने मुझे अपनी जीभ से चोदना जारी रखा उसके बाद अक्षत ने अपने लण्ड को निकालकर मेरी गांड की दीवार पर रख दिया और हल्का सा झटका देकर उसने अपने लंड के टोपे को मेरी गांड में डाल दिया। उस झटके से मुझे थोड़ा दर्द हुआ था लेकिन मुझे काफी अच्छा लग रहा था। अब अक्षत धीरे धीरे झटके देते हुए मुझे चोदे जा रहा था। कुछ देर बाद उसके लंड का टोपा मेरी गांड से बाहर निकल गया था। लेकिन अक्षत अब तक काफी उत्तेजित हो चुका था। इस बार उसने फिर से ट्राई करते हुए एक ही शॉट में अपना पूरा लंड मेरी गांड में उतार दिया था। इस बार उसका लन्ड मेरी गांड को चीरते हुए पूरा अंदर तक जा पहुंचा था। इस दौरान मेरे मुंह से जोर से “आई ओह अम मार गया” की चीख बाहर निकल गयी थी साथ ही मेरे आंसू भी तेजी से बाहर निकलने लगे गए थे।

लेकिन अक्षत फिर भी नही रुका ओर मुझे दर्द के साथ ही तेजी से चोदने लगा। मेरे मुंह से दर्द के कारण तेज आवाजें निकल रही थी लेकिन अक्षत ने मेरा मुंह बंद कर के झटके देते हुए मुझे चोदना जारी रखा। कुछ ही देर बाद अक्षत धीमा हो गया और उसने झड़ते हुए उसका गर्म और गाड़ा वीर्य मेरी गांड में ही ढोल दिया था। मेने देखा कि अक्षत का लंड अभी भी काफी तना हुआ था। इस बार उसने चिकना हट के लिए बालों में लगाने वाला तेल अपने लंड पर लगा लिया था। इसके बाद अक्षत ने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी कमर को पकड़ते हुए पीछे से एक ही बार मे अपना लंड मेरी गांड में उतार दिया था। इस बार भी मुझे तेज दर्द हुआ और अक्षत मुझे दर्द के साथ ही चोदे जा रहा था। उसके सर पर मानों जानवर सवार हो गया था। कुछ 5 मिनट बाद ही मेरा भी दर्द मजे में बदल गया था और मैं भी चुदने का काफी ज्यादा मजा ले रहा था।

इतनी चुदाई के बाद अक्षत अब काफी थक चूका था। इसलिए वह बिस्तर पर जाकर सीधा लेट गया था। इस दौरान में अक्षत के ऊपर चढ़ गया था और उसके होंठ पर चूमने लग गया था। मेने अक्षत के लण्ड को मसलते हुए पहले उसे अपनी गांड में डालने के लिए सेट किया और फिर धीरे से मेने अक्षत के लण्ड को अपनी गांड में डाल कर ऊपर नीचे ओर कमर को गोल-गोल घुमाकर चुदने लग गया था। मैं ऐसे ही गांड मरवाते हुए अक्षत को बार-बार चुम रहा था। अक्षत के मुँह से तेज आह आह की आवाजें आ रही थी जो कि मुझे यह संकेत दे रही थी कि अक्षत को भी काफी मजा आ रहा है। इसके बाद ही अक्षत मुझे अलग अलग पोजिशन में चौदने लगा और आखिर मैं उसने झड़ते हुए अपने वीर्य को मेरे मुंह मे ही ढोल दिया था। उसके वीर्य का स्वाद काफी अच्छा था मैं उसे तुरंत ही अपने गले मे गटक गया था। उस दिन के बाद ही अक्षत समझ गया था कि मैं एक गे हूँ। इसलिए वो अक्सर जब अपने दोस्तों के साथ पार्टी करता था, तो मुझे अपने दोस्तों के साथ मिलकर चोदने के लिए बुला लिया करता था। मुझे सामूहिक रूप से चुदने में ओर भी ज्यादा मजा आता है।

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