अपने से 10 साल छोटी लड़की की चुदाई की

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अभिनव है। मैं बहुत ही कामुक लड़का हूँ। अक्सर मैं यहां सभी लोगों की सच्ची सेक्स स्टोरी पढ़ने के लिए आता हूँ। आज काफी हिम्मत जुटा लेने के बाद मैं आप सभी लोगों के सामने अपनी सेक्स स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ।

तो यह कहानी आज से करीब 7 महीनें पुरानी है ओर मैं आपको इसके बारे में ठीक से बताने की कोशिश करूंगा। घर परिवार में आर्थिक समस्या के चलते मेने काफी समय पहले ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी, और जॉब करने लग गया था। मेरी उम्र अभी 28 साल है। मैं भले ही पढ़ा लिखा कम हूँ लेकिन मुझे फैशन में रहने का काफी ज्यादा शौक है। दिखने को मैं एक तगड़ा ओर आकर्षक हूँ लेकिन मुझे सेक्स में काफी ज्यादा रुचि है। मुझे अक्सर जॉब के छूटने के डर रहता था, इसलिए मैं चाहता था कि मैं एक सरकारी नॉकरी के लिए अप्लाई कर दूं। लेकिन छोटी सरकारी नॉकरी के लिए भी कम से कम 12वी तक कि योग्यता होना जरूरी था। मेने काफी सोचा ओर जॉब के साथ ही 12वी की पढ़ाई का प्राइवेट फॉर्म भर दिया था। जॉब के चलते में रेगूलर स्कूल तो नही जा सकता था, इसलिए मैंने एक कोचिंग स्टार्ट कर लिया था।

शुरुआत में कोचिंग में मुझे काफी अजीब लग रहा था। क्योंकि मेरे अलावा सभी लोग मुझसे थोड़े छोट हुआ करते थे। मेरे बड़े होने की वजह से जहां पर लड़के मेरा मजाक उड़ाते थे, वहीं लड़कियां मेरी पर्सनालिटी को देख कर मुझसे काफी ज्यादा आकर्षित भी हो जाया करती थी। हमारी कोचिंग में ही एक लड़की थी, जिसका नाम कीर्ति था। कीर्ति काफी खूबसूरत लड़की थी। उसकी मस्त गांड ओर बूब्स देख कर तो मेरा शहजादा सलामी देने लग जाया करता था। वैसे कीर्ति का एक बॉयफ्रेंड भी था और यही वजह थी कि लोग उस पर कम ही लाइन मारा करते थे। कोचिंग में हमारा ग्रुप काफी मजाकिया था, इसलिए कीर्ति भी कुछ समय के बाद हमारे ही ग्रुप में जॉइन हो गयी थी। एक बार की बात है जब एक प्रोजेक्ट के चलते टीचर ने कीर्ति ओर मुझे भी एक ही ग्रुप में शामिल कर लिया था। इसी बहाने मेरी कीर्ति से काफी अच्छी बातचीत भी हो जाया करती थी।

एक बार प्रोजेक्ट के सिलसिले में हमारे ग्रुप को एक गांव के लिए निकलना था। हमारे साथ कीर्ति भी साथ मे आयी हुई थी। हम सब बस मैं गाँव के लिए निकल गए थे। सभी लोग बस में आगे की तरफ बैठे हुए थे और जगह कम होने की वजह से कीर्ति ओर मैं सबसे पीछे वाली सीट पर एक दूसरे से चिपक कर बैठे हुए थे। उस दिन कीर्ति ने ब्लैक कलर की एक हॉट ड्रेस पहन रखी थी, जिसमे से ऊपर की तरफ से उसके बूब्स का काफी ज्यादा हिस्सा बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहा था। उसके बूब्स को देख कर लंड में एक अलग ही झुनझुनी सी दिखाई दे रही थी। हम दोनों बातों में इतना व्यस्त हो गए थे कि कीर्ति अपने बॉयफ्रेंड का फ़ोन तक नही उठा रही थी। बातों ही बातों में कीर्ति ने मुझे बताया कि उसका किसी बात पर उसके बॉयफ्रेंड से झगड़ा हो गया है जिस वजह से 1 महीने से उसने अपने बॉयफ्रेंड से बात नही की है। मुझे यह जानकर काफी खुशी हो रही थी कि कीर्ति का उसके बॉयफ्रेंड के साथ झगड़ा हो गया है। मुझे कीर्ति के साथ नजदीकियां बढाने के लिए एक अच्छा मौका मिल गया था। धीरे-धीरे में कीर्ति को अपनी बातों के जाल में फंसाये जा रहा था। हम दोनों बहुत हंसी मजाक कर रहे थे, ओर इसी वजह से बस में बैठे हुए सभी लोग हमे ही देख रहे थे।

अचानक से कुछ देर बाद मेरी नींद लग गयी थी। लेकिन। कीर्ति अभी भी जाग रही थी। तभी बस के अचानक से ब्रेक लगा देने के कारण कीर्ति का मोबाइल मेरे पैरों पर गिर जाता है। वो जैसे ही झुक कर अपने हाथों से अपने मोबाइल को ढूंढती है उसके बूब्स मेरे पैरों से टकराने लगते है। अचानक से जब मेरी नींद खुलती है तो मेरे हाथ गलती से कीर्ति के बूब्स से टकरा जाते है। कीर्ति तुरंत अपना मोबाइल उठाती है और मुझे सॉरी कहती है। इसी दौरान मेरा लंड तन जाने के कारण मेरी पेंट में एक तम्बू बन जाता है। कीर्ति मेरे उस तम्बू को देख लेती है इसी दौरान मैं अपने बैग को अपनी पेंट पर रख कर अपने तम्बू को छुपा लेता हूँ। कीर्ति ओर मैं दोनों ही शर्मा के इधर-उधर देखने लगते है। कुछ ही देर बाद हम बस से उतर जाते है ओर गांव में पहुंच कर अपना प्रोजेक्ट कम्पलीट कर के फिर से बस में घर की तरफ लौटने लगते है। हम जैसे ही शहर पहुंचते है तो कीर्ति मुझसे कहती है कि क्या आप गूगल पर नजदीकी कॉम्प्लेक्स देख लेंगे मुझे बाथरूम जाना है। अपनी पढ़ाई के लिए मेने शहर के नजदीक में ही एक घर लिया होता था इसलिए मेने कीर्ति को बोला कि तूम सीधा मेरे ही घर चलो वहीं पर ही सबकुछ कर लेना और हम थोड़ा रेस्ट भी कर लेंगे। क्योकि मेरा घर वहां से थोड़ा पास में ही था, इसलिए कीर्ति मेरे घर पर चलने के लिए मान गयी थी।

कुछ ही देर बाद हम मेरे घर पर पहुंच चुके थे। अक्सर मेरे रूम पर सामान बिखरा हुआ पड़ा रहता था, इसलिए कीर्ति को यह सब देख काफी अजीब लग रहा था। जैसे कीर्ति ने बैड पर पड़ी हुई मेरी अंडर वियर देखी वो मुझे देख कर मुस्कुराने लगी, मेने शर्म की वजह से जल्दी से अपनी अंडर वियर वहां से उठा ली थी। मेने कीर्ति को बाथरूम दिखाया और वह फ्रेश होने लिए चली गयी थी। इसी दौरान मेने जल्दी से अपना कमरा साफ किया और कीर्ति के लिए चाय भी बना ली थी। कीर्ति ने जैसे ही साफ कमरा देखा तो कहा “ वाह आप तो बड़े ही तेज हो”। मेने भी शरारती अंदाज में कहा “तेज तो मैं सभी चीजों में हूँ। अब हमने चाय ओर टीवी देखते हुए थोड़ा आराम किया। कीर्ति ओर मैं काफी नजदीक बैठे हुए थे। तभी टीवी पर एक किसिंग सीन आता है तो मैं एक दम से चैनल को बदल देता हूं। कीर्ति मुझसे कहती है कि “इसमें चैनल को बदलने की क्या जरूरत थी ऐसे ही चलने देते’। तभी मेने कीर्ति की आंखों में देखा तो वो भी मुझे मुस्कुराते हुए देख रही थी। मुझे लगा कि यही सही मौका है कीर्ति को आजमाने का तो मैने तुरंत ही कीर्ति के होंठों पर अपने होंठ रख दिये और उसे जोरों से चूमने लगा। कुछ एक 15 सेकंड तो कीर्ति ने मुझे कुछ नही कहा, उसके बाद उसने मुझे दूर करते हुए एक थप्पड़ मार दिया और कहने लगी “ये तुम क्या कर रहे हो, मेने तुम्हारे बारे में कभी ऐसा नही सोचा था।

इतना कहते हुए कीर्ति तुरंत ही अपने घर निकल गयी थी। मुझे काफी बुरा लग था। मुझे ऐसा लग रहा था कि बॉयफ्रेंड से इतने समय दूर रहने के बाद कीर्ति का भी चुदने का मन कर रहा होगा लेकिन मैं पूरी तरह से गलत था। अब मैं बस यही सोच रहा था कि कीर्ति को आख़िर अपना मुंह कैसे दिखाऊंगा। अगले दिन हमारे प्रोजेक्ट कम्प्लीट करने का लास्ट दिन था इसलिए मुझे फिर से अगले दिन सुबह कीर्ति का फोन आने लग गया था। वो बार बार मुझे फोन लगा रही थी लेकिन मैं उसका फ़ोन ही नही उठा रहा था। कुछ देर बाद ही मेरे दरवाजें की घण्टी बजती है और जैसे ही मैं दरवाजा खोलता हूँ तो कीर्ति को ठीक अपने सामने ही पाता हूँ। कीर्ति मुझसे कहती है कि “आज प्रोजेक्ट पूरा करने का आखिरी दिन है तुम्हे चलना नही है क्या? मैं पहले तो कुछ देर शांत रहता हूँ और फिर उसके बाद कहता हूं कि “ कीर्ति कल वो जो अनजाने में मुझसे हुआ उसके लिए मैं माफी मांगना चाहता हूं और मैं उस सब के लिये काफी शर्मिंदा भी हूँ।

“देखो मुझे तुम से कोई नाराजगी नही है वो तो मैं कल थोड़ी नाराज थी इसलिए मेने तुम्हे थप्पड़ मार दिया था। ”बस इतना कहकर कीर्ति मेरी तरफ बढ़ने लगती है और मुझे चूमने लग जाती है। मैं तुरंत कीर्ति को खुद से दूर करता हूँ और कहता हूं कि “ ये तुम क्या कर रही हो? तभी कीर्ति मुझे जवाब देते हुए कहती है कि “वहीं जो एक लड़का और लड़की अकेले होने पर करते है। बस कीर्ति के इतना कहते ही मैं भी कीर्ति को सभी जगह चूमने लग जाता हूँ। मैं तुरंत ही अपनी शर्ट खोलता हूँ और कीर्ति को चूमने लग जाता हूँ। इसी दौरान कीर्ति भी अपनी टॉप को खोलकर अपनी ब्रा में आ जाती है। मैं कीर्ति को चूमते हुए उसकी ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को भी चूमने लग जाता हूँ। इसी दौरान कीर्ति काफी उत्तेजित हो जाती है वो अब मेरे बेल्ट को खोल कर मेरी पेंट ओर अंडर वियर को उतारकर मेरे 7 इंच के कड़क ओजार को बाहर निकाल देती है। अब वह मेरे ओजार को हिलाते हुए उसे चूसने लगती है। मैं भी “आह कीर्ति मुझे काफी मजा आ रहा है कहते हुए उसका हौसला बढ़ाने लगता हूँ। कुछ देर तक ऐसे ही मेरे ओजार को चूसते हुए वो मेरे अंदर के शैतान को जगा देती है।

अब मैं तुरंत ही कीर्ति को उठाता हूँ ओर उसे  बिस्तर की तरफ ले जाता हूँ। वहां मैं कीर्ति को लेटा कर उसे पूरी तरह से नंगा कर के उसकी योनि को चाटने लगता हूँ। मैं देख पा रहा था कि कीर्ति अब काफी ज्यादा उत्तेजित होने लग गयी है। अब मेरे पास उसे चौदने का सही समय था लेकिन मेरे पास कंडोम नही था। तभी कीर्ति मेरे चेहरे की तरफ देखती है और मुझे तुरंत ही कंडोम निकाल कर दे देती है। अब मेरे अंदर का शैतान ओर भी ज्यादा भयानक होने लगता है। मैं कीर्ति की टांग को पहले अपने कंधे पर रखता हूँ ओर कंडोम पहनने के बाद एक ही बार मे अपना लंड कीर्ति की योनि के अंदर उतार देता हूँ। कीर्ति के मुंह से तेज चीखें निकलने लगती है और मैं उसे गपागप लंड डाल कर चौदने लगता हूँ। उस दिन मैं 2 घंटे तक कीर्ति की जम कर चुदाई कडता हूँ। इसी दौरान कीर्ति ओर मुझे प्यार हो जाता है और फिर मैं कीर्ति को हर हफ्ते इसी तरह से चौदने लगता हूँ।

अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें।