मेरी प्यारी और सेक्सी मामी के साथ सेक्स

हेलो दोस्तों, मेरा नाम रवि है और मैं मुंबई का रहने वाला हु। मेरी उम्र २८ साल है और मैं एक डॉक्टर हु। बचपन से ही मेरा मैं पढ़ाई में था लेकिन आज अपनी ज़िन्दगी के किस्सा बताने जा रहा हु जो मैंने कभी सोचा और पता नहीं कैसे हुआ। यह कहानी कुछ साल पहले की जब मैं अपनी नानी के घर जाता था। मेरी नानी का घर दिल्ली से थोड़े दूर एक गांव में है। मैं अक्सर वह जाते रहता था जब मैं अपनी डॉक्टर की पढाई कर रहा था।  यह कहानी मेरी मामी की है जिनका नाम माया है और उनकी कुछ ३४ साल थी उस वक़्त। वो दिखने में काफी खूबसूरत और सब की इज़्ज़त भी करती थी। मेरी कभी उनके ऊपर कोई गलत नज़र नहीं थी। 

मेरे सिर्फ एक मां और उनके दो छोटे बच्चे है। मेरी मामी मुझे अपने बच्चों से भी ज़्यादा प्यार करती थी। यह इसलिए था की मैं उनकी हर बात को समझता था। घर में कोई बात हो रही है तो भी वो मुझसे ही शेयर करती थी। एक तरह से हम बहुत अच्छे दोस्त थे। लेकिन एक पल ऐसा आया जहा मैं बिलकुल उन्हें देखता रह गया। हम दोनों काफी बातें करते थे और साथ में ही रहते थे। एक दिन मामी नहाकर आयी और मैं बगल वाले कमरे में बैठा था। उस दिन उन्होंने मुझे आवाज देकर कहा की उनके ब्लाउज का हुक लगदे पीछे से। वो लगा नहीं पा रहे थे।  अक्सर ऐसा होता था कभी कभी की मैं उनके ब्लाउज के हुक लगा देता था। उस दिन पता नहीं क्या हुआ जब जब मेरा हाथ उनकी कमर और पीठ से लग रहा था मेरे अंदर एक अलग सा जवानी का जोश बढ़ गया। उस वक़्त मैं बिलकुल खो गया था। 

अगले ही दिन से बार बार मेरी नज़र उनके कमर और पीठ के तरफ रहती है। कभी कभी मैं छू भी लेता था, उन्हें कोई ऐतराज़ नहीं था क्यूंकि हम दोनों एक अच्छे दोस्त के जैसे ही थे। अब मेरी आदतें काफी बढ़ चुकी थी। मैं उनकी ब्रा और पैंटी को देखकर खुश होता था उन्हें सुगने लग गया। एक दिन की बात है मैं बगल के कमरे में लेटकर उनकी ब्रा मेरे हाथ में थी।  वो अचानक मेरे कमरे में आयी किसी काम से, और मुझे देखते हुए चली गयी। उन्होंने उस वक़्त कुछ नहीं कहा, लेकिन मैं तो बिलकुल डर गया था।  अब मैं उस दोपहर सो गया। 

कुछ वक़्त बाद, मामी ने उठाया मुझे और कहाचाय पीलो, बहुत अच्छी बानी हैमामी भी मेरे साथ बातें करने लग गयी। अब ऐसे ही दिन बिट रहे थ।  कुछ दिनों बाद मुझे मामी ने अपने कमरे में बुलाया और इस बार उन्होंने अपने ब्रा के हुक मुझसे लगवाए। सच कहु मुझे उनसे प्यार होने लग गया था। मैं उनके बारे में ही सोचता रहता था। ऐसी नहीं था की मुझे उनसे सिर्फ सेक्स करना है, मुझे असल में मोहब्बत थी उनस। 

लगभग कुछ हफ्तों बाद, मेरे मां नानी को लेकर उनके रिश्तेदार के यहाँ गए। मैं और मामी भी जाने वाले थे लेकिन मामाजी के बच्चो की तबियत खराब थी। इसलिए मैं और मामी घर ही रुक गए। मैं नानी और मामाजी को स्टेशन छोड़ने चला गया। उनकी ट्रैन रात के बजे के थी। 

मैं वापस लौटा तो बच्चे सो रहे थे। किचन में खाना रखा था, लेकिन शायद मामी ने नहीं खाया था। मैं मामी के पास गया तो वो टीवी देख रही थी। 

मैंने कहातुमने खाना खा लिया

मामी ने कहानहीं, तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी

मैंने कहाठीक है मैं दोनों के लिए खाना ले आती हु

हम दोनों का खाना हो गया और मैं बाथरूम में नहाने चले गया। इतने में ही मामी ने पूरा किचन और सब कुछ साफ़ कर दिया। मैं बाथरूम से निकला। इतने में मामी ने पूछाकहा सोने वाले हो

मैंने कहाआपके बगल वाले रूम में

मामी ने कहामेरे कमरे में सोजना तुम आज

मैंने कहाठीक है

मामी ने बिस्तर लगा दिए और मैं लेट गया। इतने में ही मामी की माँ का फ़ोन आया, वो उनसे बातें करने लग गए। मैं तोह गहरी नींद में सो चूका था। हवा भी ठंडी थी तो मैं कम्बल लेकर सो गया।  कुछ वक़्त बाद अचानक मेरी आँख खुली, तोह लाइट बंद थी लेकिन कमरे में हल्का सा उजाला था।  मैंने ज़िन्दगी में पहली बार उनको बिना कपड़ो के देखा, वो अपने कपडे बदल रही थी।  मैं बस उन्हें देखता रह गया। थोड़ी देर बाद वो मेरे बगल में लेट गए और मेरी पैरो के ऊपर अपना पैर रख दिया। और उनका सर भी मेरे छाती पर था।  उन्होंने मुझे बिलकुल दबा लिया था। इससे मुझे काफी सुकून मिल रहा था।  अचानक कुछ मिनट बाद उन्होंने मेरे कम्बल में हाथ डाला और मेरे लंड को अंडरवियर से निकलकर सहलाने लगी। मैंने अपनी आँखें खोली और उनकी तरफ देखा, तो उन्होंने मुझे किश करना शुरू कर दिया। 

मैंने भी उनको अपनी बाहों में भर लिया और ज़ोर से किश करने लग गया। 

काफी वक़्त किश करने बाद वो उल्टा लेट गयी और मेरे लंड को चूसने लग गयी। वो पल मैं आज तक भूल नहीं पाया। ऐसा सुकून कभो महसूस नहीं हुआ। उनकी गांड मेरे तरफ थी मैंने उनका पेटीकोट ऊपर किया और मैं भी उनकी गांड को चाटने लग गया।  वो कभी मेरे लंड के साथ खेल रही थी और कभी ज़ोर से चूस रही थी।  अब अचानक वो उठ गयी और मेरी तरफ मुँह करकर मेरे लंड के ऊपर बैठ गयी। जैसे ही वो बैठी उनकी आवाजें निकलने लग गयीअह्ह्ह,,,,ुह्ह्हह्ह,,,उफ्फ्फ्फ़,,,,,’ मैं भी उनकी चूचियों को पकड़ कर दबा रहा था।  बड़े कमाल की है उनकी चूचियां। वो थोड़ी थक गयी थी तो उन्होंने मुझे छोड़ने के लिए कहा। मैं उनके ऊपर लेट गया,,,और अपने लंड को रगड़ रहा था और उनके होटों को काट रहा था। उनकी आँखों से आंसू निकलने लग गए थे लेकिन मैं रुक नहीं रहा था और उन्होंने रुकने के लिए कहा। 

मैंने कहामैं झड़ने वाला हु

उन्होंने कहामेरे मुँह के अंदर डालो

मैंने अपना सारा रास उनके मुँह के अंदर दाल दिया। अब वो मुझे किश करते हुए मेरे लंड को सेहला रही थी। अब तो ऐसा हो चूका था की तुरंत मेरा लंड खड़ा हो जाता है जिस तरीके से वो सहलाती है। 

इस बार उन्होंने कहामेरी गांड मारो पीछे से

मैंने पहली बार उनकी गांड में लंड घुसाया फिर तो हम दोनों पागल ही हो चुके थे। वो अपनी गांड को अंदर बहार कर रही थी, कभी मैं उनकी गांड की जमकर चुदाई करता था। 

कुछ देर बाद उन्होंने कहाआई लव यू मेरी जान

,मैंने कहाआई लव यू मामी

उन्होंने कहामामी सबके सामने ,,,अकेले में सिर्फ माया

वो मेरे ऊपर बाहों में लेट गयी। 

पूरी रात हम दोनों बातें करते रहे और किश करते रहे।  आज भी मेरी मामी सिर्फ मेरा पहला और आंखरी प्यार है। जब भी मौका मिलता है हम साथ में वक़्त गुज़रते है। आज भी वो सिर्फ ३४ साल की ही लगती है। वो अपना बहुत ध्यान रखती है।  मेरी शादी हो चुकी है लेकिन मेरी मोहब्बत सिर्फ माया है। 

दोस्तों सच्चे प्यार में जो सेक्स होता है बड़ा गज़ब का होता है।