चुदाई के सफर की शुरुआत

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम शुभम है और मैं उज्जैन का रहने वाला हूँ| फिलहाल तो मैं कॉलेज के पहले साल की पढ़ाई के साथ जॉब भी कर रहा हूँ| मेरी उम्र अभी 22 साल है और मैं काफी कामुक लड़का हूँ यही वजह है कि मैं यहाँ पर अक्सर लोगों की सेक्स स्टोरी सुनने के लिए आता हूँ| दोस्तों आज मैं आप सभी को मेरी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसे सुनने के बाद आपको मजा ही आ जाएगा, तो चलिए शुरू करते है|


इस बात को ज्यादा समय नहीं हुआ है| यह बात कुछ 5 महीने पहले की है जब मैं अकेला बस से अपने गाँव की तरफ जा रहा था| मेरे ही बिलकुल नज़दीक वाली सिट पर एक शादीशुदा लड़की बैठी हुई थी| उसे देख कर ऐसा अलग रहा था जैसे उसकी शादी महज कुछ महीनों में ही हुई है| वह लड़की दिखने में काफी सेक्सी लग रही थी| उसका शरीर काफी लाजवाब था| उसके ब्लाउज के ऊपर से आ रहे उसके दूध जैसे बूब्स तो और भी ज्यादा लाजवाब लग रहे थे| उसके बूब्स काफी बड़े और गोरे थे, जिसे देख कर मुझे काफी मजा आ रहा था| उस लड़की की आँखों में गहरा काजल लगा हुआ था| उस लड़की को जो भी एक बार देख ले तो बस उसका दीवाना ही हो जाएगा|


सड़क पर काफी गड्ढे हो रहे थे, जिस वजह से बस काफी हिल डूल रही थी| इस दौरान मेरी नजर केवल उसके बूब्स पर ही टिकी हुई थी| उसके हिलते हुए बूब्स को देख कर मैं उसके बूब्स के उभार को बड़ी आसानी से महसूस कर सकता था| उसके हिलते हुए बूब्स को देख कर एक दम से मेरी पेंट के अंदर एक लम्बा चौड़ा तम्बू बन गया था| वह मेरे बिलकुल पास में ही बैठी हुई थी, इसलिए उसने मेरी पेंट में तन रहे तंबू को देख लिया था| लेकिन उसने इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, उसने केवल मुस्कुरा कर मेरी तरफ से अपना ध्यान फेर लिया था| कुछ देर बाद उस लड़की को प्यास लग रही थी| उसने मेरे हाथ में पानी की बोतल देख ली थी, इसलिए उसने मुझसे पानी की बोतल मांगी, और मेने तुरंत ही उसे अपनी पानी की बोतल दे दी थी|


बस काफी हिल रही थी, इस वजह से उस लड़की पानी पीने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी| वह जैसे जैसे पानी पीते जा रही थी, तो पानी का कुछ हिस्सा उसके बाहरी गले से टकरा कर उसके बूब्स के रास्ते से होकर उसके बूब्स के अंदर जा रहा था| उसे जैसे ही ख्याल आता है कि पानी का कुछ हिस्सा उसके ऊपर गिर रहा है वह धीरे से चिल्लाती है” ‘आह उई माँ ये कैसे हो गया” इतना कह कर वह अपने बूब्स पर लगे हुए पानी को साफ़ करने लगती है| इस बार ऐसा दृश्य देखकर मेरा लंड और भी ज्यादा तन्ना जाता है| मेरी किस्मत काफी खराब चल रही थी क्योंकि उसने इस बार भी मेरे उठे हुए लंड को देख लिया था, और वह मुस्कुराते हुए अपना ध्यान दूसरी तरफ देने लग गयी थी| इतना होने के बाद तो मुझे काफी शर्म महसूस होने लग गयी थी| इसलिए अब मेने अपने लंड को छुपाने के लिए अपनी गोद में अपना बेग रख लिया था| यह कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा कि काली साड़ी और हाथ में कंगन पहने हुए वह लड़की काफी हॉट लग रही थी|



वह लड़की मुझे अब तक कई बार नोटिस कर चुकी थी, लेकिन उसे मेरी हरकतों की वजह से बिलकुल भी बुरा नहीं लग रहा था| कुछ देर बाद उस लड़की ने मेरी पानी की बोतल मुझे देते हुए मेरा नाम पूछा और मेने उसे अपना नाम शुभम बताया था| मौका देखते हुए मेने भी उस लड़की से उसका नाम पूछा तब उसने अपना नाम मुझे निधि बताया और देखते ही देखते हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लग गए थे| बातों ही बातों में निधि ने बताया की उनके पति एक बिजनेसमैन है और करीब 4 महीने पहले ही उनकी शादी हुई है| कुछ दिनों से वे अपने माँ के घर पर रह रही थी, जिसके बाद अब वे फिर से अपने पति के घर लौट रही है| पता नहीं क्यों पर बातें करते हुए मेरा ध्यान उसके हलके से बाहर निकल रहे बूब्स पर जा रहा था| इस दौरान निधि मेरी हरकतों को बिलकुल साफ़ साफ़ देख सकती थी|


कुछ देर बाद निधि ने मुझसे कह ही दिया कि “ तुम इधर उधर और मेरे नीचे क्या देख रहे हो, मेरे चेहरे पर देख कर बात क्यूँ नहीं करते हो?”| इस बात का जवाब देते हुए मेने निधि से कहा कि “मुझे माफ़ कर देना, लेकिन मैं आपकी खूबसूरती को देख कर आपसे नजर ही नहीं हटा पा रहा हूँ”| इतने में ही निधि ने मुझसे मुकुराते हुए कहा कि “ क्या आपकी कोई गर्लफ़्रेंड है?| इस पर मेने जवाब देते हुए कहा कि “नहीं अभी तो कोई नहीं है, लेकिन अगर आप चाहो तो आप बन सकती हो”|


पागल हो क्या, मैं आपकी गर्लफ़्रेंड कैसे बन सकती हूँ, मैं तो पहले से ही शादीशुदा हूँ| – निधि ने जवाब देते हुए कहा


तभी मेने निधि से कहा कि “ ऐसा किसने कहा कि शादीशुदा लड़की किसी को अपना ब्वॉयफ़्रेंड नहीं बना सकती है|


तभी निधि ने मुस्कुराते हुए कहा कि “ देखो जो भी हो लेकिन मैं तुम्हारी गर्लफ़्रेंड नहीं बन सकती हूँ. लेकिन हाँ हम दोनों अच्छे दोस्त ज़रुर बन सकते है|


“ठीक है फिर हम दोनों अच्छे दोस्त बन जाते है|”- इतना कहते हुए हम दोनों ने एक दूसरे को अपने अपने नम्बर दे दिए थे|


कुछ दिन तो मैं ऐसे ही निधि के फ़ोन आने का इंतजार करता रहा और फिर काफी दिनों तक इंतजार करने के बाद एक दिन आखिरकार, निधि का फ़ोन मुझे आ ही गया| वह अक्सर किसी बात से परेशान रहती थी और दिल बहलाने के लिए मुझसे बातें कर लिया करती थी| ऐसे ही बातें करते हुए हमें काफी समय हो चुका था, इसलिए अब हम खुल कर बातें कर सकते थे| ऐसे ही फ़ोन पर बातें करते हुए हम थोड़ी पर्सनल बातें भी कर लिया करते थे| एक दिन मेने निधि से ऐसे ही बातों ही बातों में पूछ लिया कि “निधि तुम्हारी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है?


निधि को मुझसे ऐसी किसी तरह के सवाल की उम्मीद नहीं थी, इसलिए वो पहले तो ऐसे ही फ़ोन पर चुपचाप रही और फिर उसने मुझे बताया की उसकी सेक्स लाइफ बिलकुल भी अच्छी नहीं चल रही है| निधि ने उदासी भरी हुई आवाज़ में मुझे बताया कि उसके पति काफी ज्यादा बीजी रहते है और इसी वजह से वह सेक्स लाइफ में ज्यादा सक्रिय नहीं हो पाते है| अगर मुश्किल से हम कभी सेक्स के कर भी लेते थे, तो वह बहुत जल्दी से ठंडे पड़ जाते थे| मैं समझ गया था कि निधि अपनी सेक्स लाइफ से ज्यादा खुश नहीं है| कुछ दिन तक तो हम ऐसे ही एक दूसरे से बातें करते रहे और इसी दौरान कई बार हमारी बातें सेक्स से संबंधित भी हो जाया करती थी| मुझे निधि को चोदने का काफी समय से मन हो रह था और एक दिन मौका देखते हुए मेने निधि से पूछ ही लिया कि “ क्या तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहोगी?


निधि मेरे द्वारा इस तरह सेक्स के लिए पूछने की वजह से वह मुझसे थोड़ा नाराज़ हो गयी थी| इस वजह से उसने कुछ दिन तक मुझसे बात भी करना बंद कर दिया था| काफी दिनों के बाद मुझे निधि का फिर से फ़ोन आया और इस बार वह मुझसे मिलने का कह रही थी| मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि ऐसे अचानक ही वह मुझसे क्यों मिलना चाहती है| लेकिन मेने भी ज्यादा सोच विचार नहीं किया और उसके कहे हुए दिन के मुताबिक़ मैं उससे मिलने के लिए उसके घर चला गया था| जैसे ही मैं निधि के घर के दरवाज़े पर पहुंचा उसने मुझे घर के अंदर बुला लिया था| निधि का घर काफी बड़ा था और उसके घर में उसके पति और वो अकेले ही रहा करते थे| फिलहाल उसके पति ऑफ़िस में गए हुए थे, इसलिए मेरे आने से कोई डर की बात नहीं थी| मैं निधि के पास बैठा ही था कि इतने में निधि ने मुझसे कहा कि “ शुभम तुम यही पर बैठो मैं थोड़ी देर में ही तुम्हारे लिए चाय बनाकर लाती हूँ। कुछ ही देर में निधि चाय बनाकर ले आती है और हम दोनों चाय पीते हुए के दूसरे से बातें करने लग जाते है।

निधि एक बार फिर मुझे उसके वैवाहिक जीवन के बारे में बताने लगती है और साथ ही मुझे उसकी सेक्सुअल लाइफ के बारे में भी बताने लगती है। निधि को देखकर ही मैं समझ गया था कि उसने मुझे यहां पर अपना दुःख बांटने के लिए नही बुलाया है, बल्कि वो तो मुझसे कुछ और ही चाहती है। मैं इतना तो समझ ही चुका था कि निधि मेरे सामने बन कुछ और रही है ओर चाह कुछ और ही रही है। पहले तो मैने काफी देर इंतजार किया कि निधि मुझे सबकुछ बता दे, लेकिन आखिरकार, काफी इंतजार करने के बाद मेरा सब्र बिल्कुल टूट ही चुका था। मेने निधि से पूछ ही लिया कि तुमने मुझे यहां पर क्यूं बुलाया है, लेकिन निधि ने इस बार भी मुझे कोई जवाब नही दिया और फिर गुस्से में आकर मेने जैसे ही उसका हाथ पकड़ा तो उसने मेरे गालों को धीरे से चुम लिया था। उसके होंठो का वो कोमल स्पर्श मेरे गालों पर पड़ने भर से ही मैं समझ गया था कि वह मुझसे क्या चाहती है। कुछ ही देर बाद निधि मेरा हाथ पकड़ते हुए मुझे किसी दूसरे कमरे की तरफ ले जाती है और बाहर से कमरा बंद कर देती है।

निधि का चेहरा देखकर ही लग रहा था कि वह आज काफी मूड में थी। वह तुरन्त ही फ्रिज में से एक शराब की बोतल लेकर आती है और मेरे सामने जाम बनाने लगती है। हम दोनों एक-एक करके इतने जाम गटक जाते है कि दोनों ही नशे में एक दम धुत्त हो जाते है। कुछ देर बाद निधि टीवी पर तेज आवाज में एक गाना बजाने लगती है और मेरे सामने अंग प्रदर्शन करने वाला डांस करने लगती है। उसके लाजवाब शरीर को देखकर तो मेरी आँखें एक मिनट के लिए भी बंद होने का नाम ही नही ले रही थी। निधि की गांड भी काफी लाजवाब थी और जब वह नाच रही थी, तो उसके हिलते हुए बूब्स को देखकर तो मेरे शरीर मे एक अलग ही कम्पन्न होने लग गया था, जिससे कि मेरा लन्ड ही तन कर खड़ा हो गया था। डांस करते हुए निधि धीरे-धीरे कर के अपनी साड़ी को उतारे जा रही थी, इससे वह मेरे अंदर के जानवर को ओर भी भड़का रही थी। मेरा मन तो ऐसा कर रहा था कि उसे अभी के अभी पकड़ कर चोद दुँ। वैसे तो निधि एक मासूम लड़की थी और उसे इस तरह से डांस करना बिल्कुल भी शोभा नही दे रहा था, लेकिन शराब के नशे ने उसे बिल्कुल पागल ही कर दिया था। इसमें उसकी भी गलती नही थी, मुझे लग रहा था कि वह पहली बार सेक्स का भरपूर रूप से आनंद लेना चाहती थी।

लेकिन मैं भी एक इंसान था, इसलिए मुझसे अब ओर ज्यादा इंतजार नही हो पा रहा था। मेने तुरन्त ही निधि का हाथ पकड़ा और फिर उसे बिस्तर पर ले जाकर पटक दिया था। फिर मैं जाकर प्यारी सी निधि कर ऊपर चढ़ गया था। मेने देखा कि निधि बहुत ही ज्यादा नशे में धुत्त थी, इसलिए अब उसमें ओर कुछ करने की ताकत नही बची थी। निधि पेटीकोट ओर ब्लाउज में मेरे सामने लेती हुई थी और बहुत ही जल्द जिन लाजवाब बूब्स को मेने बस में जाते समय देखा था, मुझे उन्हें छूने का मौका मिलने वाला था। निधि के बड़े-बड़े बूब्स की वजह से उसका ब्लाउज काफी टाइड हो गया था। मेने जैसे ही एक-एक कर के उसके ब्लाउज के हुक खोले तो आखिरी वाला हुक तो उसके स्तन के भार से ही टूट गया था। कुछ ही देर बाद मेने उसकी ब्रा को भी खोलकर उसके स्तन को ओरी तरह से आजाद कर दिया था। निधि के निप्पल काफी गुलाबी ओर बड़े-बड़े थे। मै उसके बूब्स को दबाते हुए उसके निप्पल को चूस रहा था।

मैं निधि के मुंह को देखकर समझ पा रहा था कि मेरे बूब्स को दबाने पर वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थीं। मैं उसके बूब्स को आमरस की तरह चूसता ही जा रहा था। अब मेने निधि के पेटीकोट को पकड़ कर उसे ऊपर की तरफ उठा दिया था ओर उसकी पैंटी को खींच कर घुटने तक उतार दिया था। अब मेने उसकी कोमल सी चुत पर बने उस बीज को चाटना शुरू कर दिया था। मेरे ऐसा करने पर निधि को बहुत मजा आ रहा था, उसकी “आह आह” करती हुई धीमी सी आवाज़ मेरी उत्तेजना को ओर भी तेजी से बढ़ाये जा रही थी। निधि को ओर भी ज्यादा उत्तेजित करने के लिए मेने उसकी चुत में अपनी दो उंगलियों को डालकर उसे केवल उंगली से चोदना कर दिया था। मेरे केवल उंगली से चोदना एक कारण निधि के चेहरे का भाव ही बदल गया था और वह नशे में “ओह्ह आह प्लीज इसे बाहर निकालोकहते हुए चीखें जा रही थी। लेकिन अब मैं भी अपना सब्र खो चुका था। मेने कुछ ही देर में उसका कामरस बाहर निकाल दिया था।

अब मेने निधि को पहले उल्टा लेटा दिया था और फिर मेने पीछे से ही निधि की कोमल चुत पर हाथ फेरतें हुए एक ही झटके में अपने पूरे लन्ड को निधि की चुत में उतार दिया था। निधि भले ही शादीशुदा स्त्री थी, लेकिन अचानक से उसकी चुत में लन्ड घुसने से उसे तेज दर्द हो रहा था और इसलिए वह मुझे तुरंत ही लन्ड को बाहर निकालने के लिए विनती कर रही थी। लेकिन मैं अब चुदाई के पीछे इतना पागल हो गया था कि जैसे मुझे अब कुछ सुनाई ही नही दे रहा हो। मैं निधि के उनपर सो कर उसकी योनि पर अपने लन्ड से झटके दिए जा रहा था। निधि एक जोरदार दर्द के साथ चुद रही थी, ओर मेरे वजन की वजह से वह थोड़ा भी नही हिल पा रही थी। मैं निधि का मुंह बंद करते हुए मशीनरी अंदाज में अपनी पूरी रफ्तार के सतह उसे चोदता जा रहा था। कुछ देर तक ऐसे ही चुदने के बाद निधि को भी अब चुदने में काफी मजा आने लग गया था।

कुछ ही देर बाद निधि ओर मैं 69 पोजिशन में आ चुके थे। मेने निधि के बूब्स को मसलते हुए इस पोजीशन में उसे लगभग 10 मिनट तक चोदता रहा और फिर निधि उठाकर मेरे ऊपर चढ़ गयी थी। पहले तो निधि ऐसे ही मुझे उत्तेजित करने के लिए मेरे लैंड को हिलाते हुए उससे कुछ देर तक तो ऐसे ही खेलने लगी और फिर उसने एक ही बार मे मेरे पूरे लन्ड को अपने गले तक निगल लिया था। निधि पहली बार चुदाई का इतना अच्छा अनुभव ले रही थी, इसलिए वह मजे से मेरे लन्ड को चूसते हुए मुझे चर्म सुख का आनंद दे रही थी। अब निधि मेरे ऊपर चढ़कर मेरे लंड को पकड़कर अपनी योनि में प्रवेश करने लगी और फिर ऊपर नीचे होकर एक चुदासी औरत की तरह मुझसे चुदने लग गयी थी। निधि को पहली बार इतना मजा आया था और शायद इसलिए वह थमने का नाम ही नही ले रही थी। उस दिन मेने निधि को 3 घंटो के अंदर दो बार जमकर चुदाई की थी। अब निधि को जब भी मेरी जरूरत पड़ती थी, तो वह मुझे चुदाई करने के लिए बुला लिया करती थी।

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