कंप्यूटर ठीक करने के बहाने भाभी को चोदा

हेल्लो दोस्तों, कैसे है आप लोग? आप सभी का यहाँ पर बहुत स्वागत है| मेरा नाम है अभिषेक मिश्रा और मैं जबलपुर का रहने वाला हूँ| मुझे मजाकियां विडियो और फोटोज एडिट करना बहुत पसंद है| मैं दिन भर अपने घर में बस एडिटिंग ही करता रहता हूँ, और यही मेरा काम भी है| मैं शादी के फोटोज और वीडियोस की भी एडिटिंग करता हूँ जिससे मुझे लोगों से मिलने का समय ही नहीं मिल पाता है| मेरे काम की वजह से मेरी लड़कियों से भी बातचीत काफी कम होती है और यही वजह है कि मैं एक कामुक लड़का हूँ| सेक्स को लेकर मुझ में बहुत ज्यादा रूचि है लेकिन समय कम मिल पाने के कारण मैं आज तक किसी के साथ भी चुदाई नहीं कर पाया हूँ| काफी पापड़ बेलने के बाद मुझे एक दिन चुदाई करने का अवसर प्राप्त हुआ था, और आप यकीन नहीं करोगे कि मेने उस अवसर का जमकर फायदा भी उठाया था| आज मैं आप सभी को मेरी चुदाई की सच्ची कहानी बताने वाला हूँ और वादा करता हूँ कि आपको यह कहानी काफी ज्यादा पसंद भी आने वाली है|

तो बात करीब 2 साल पहले की है जब मेरा कॉलेज खत्म हो जाने के बाद में फूल टाइम शादी में फोटो और विडियो बनाने का काम करने लग गया था| विडियो एडिटिंग करने के लिए मुझे इंटरनेट की जरुरत पड़ती थी, इसलिए मेने घर में एक वायफाय भी लगवा लिया था| काफी बार ऐसा होता था कि हमारे वायफाय नेटवर्क में काफी दिक्कत आती थी, जो की मैं खुद से ही आसानी से ठीक कर लिया करता था| मेरे पड़ोस में ही एक मोनिका नाम की खुबसुरत भाभी रहती थी| मोनिका भाभी की खूबसूरती के लोग काफी दीवाने हुआ करते थे, क्योकि उनका शरीर काफी लाजवाब लगता था| मोनिका भाभी के मासूम चेहरे और ब्लाउज में से निकलते हुए बूब्स देख कर हर किसी का लंड खड़ा हो जाया करता था| मोनिका भाभी ने भी वायफाय लगवा के रखा था| अक्सर उनके यहाँ नेटवर्क की दिक्कत आती थी, इसलिए वो बार-बार इसे सही करवाने के लिए कनेक्शन वाले को फ़ोन लगा दिया करती थी| लेकिन वायफाय कनेक्शन वाले भी इतने निकम्मे थे कि वो भी कभी टाइम नहीं आते थे|

एक दिन ऐसा हुआ की मोनिका भाभी के इन्टरनेट कनेक्शन में थोड़ी समस्या आ रही थी| और कनेक्शन वाला काफी दिनों से उनके घर नहीं आ रहा था| मोनिका भाभी को किसी ने जानकारी दी थी कि मैं इंटरनेट कनेक्शन को ठीक कर लेता हूँ, तो एक दिन वो मेरे घर पर मुझ से बात करने के लिए आई थी| उन्होंने मुझे बुलाया और फिर मुझसे कहा कि “मेरे इन्टरनेट में कुछ समस्या आ रही है और वह ठीक से चल नहीं रहा है, क्या तुम मेरे कनेक्शन को ठीक कर सकते हो?” मोनिका भाभी के खुबसुरत चेहरे और प्यारी सी आवाज को सुनकर मैं बिलकुल भी मना नहीं कर पा रहा था इसलिए मैंने कहा कि “ठीक है मैं कल आपके घर आ जाऊँगा”| अगले दिन मेरे कहे अनुसार, मैं मोनिका भाभी के घर उनके इंटरनेट कनेक्शन को देखने के लिए चला गया था| मेने उनके घर पहुँचने के बाद उनके दरवाज़े को बजाया और जैसे ही दरवाजा खुलता है, तो मेरी आँखें फटी की फटी ही रह जाती है| मैं देखता हूँ की भाभी मेरे सामने जींस और टी शर्ट पहनी हुई किसी अप्सरा की तरह मेरे सामने खड़ी हुई है| टी शर्ट मैं उनके उभरे हुए बूब्स काफी साफ़ नजर आ रहे थे| उनके पास से भीनी भीनी महक आ रही थी, शायद वे अभी नहा कर ही आ रही थी| भाभी ने मुझे देखते ही कहा “अच्छा हुआ अभिषेक तुम आ गए, चलो में तुम्हें कंप्यूटर वाले रूम की तरफ लेकर चलती हूँ|”

मैं जैसे ही भाभी के साथ रूम के अंदर पहुँचता हूँ तो भाभी कहती है कि “तुम यहाँ कंप्यूटर देखों मैं तुम्हारे लिए चाय बनाकर लाती हूँ”| इतने में भाभी चाय बनाने चली जाती है और मैं उनका कनेक्शन चैक करने लगता हूँ| कंप्यूटर चैक करते हुए जैसे ही मेरा ध्यान बिस्तर की तरफ जाता है, तो वहां पर भाभी की ब्रा रखी हुई होती है| मुझे लगा की नहाने के बाद कपड़े बदलते वक्त उनसे वह ब्रा वहीँ पर छूट गयी होगी| मैं तुरंत ही भाभी की ब्रा हाथ में लेता हूँ तो उसमे से आ रही महक को मैं महसूस करने लगता हूँ| इतने में ही भाभी “चाय बन गयी है” कह कर मेरी तरफ बढती है और मैं जल्दबाजी में उनकी ब्रा को अपनी जेब में ही रख लेता हूँ| भाभी जैसे ही मुझे चाय देती है तो उनका ध्यान बिस्तर की जाता है। उनको जैसे ही हल्की सी भनक होने लगती है तो मैं बात को बदलते हुए कहता हूं “अरे भाभी ये क्या चाय में शक्कर थोड़ी कम है क्या आप मुझे थोड़ी ओर दे सकती है? इतने में ही भाभी शक्कर लेने के लिए चली जाती है।

कुछ देर तक चैक करने के बाद मुझे कंप्यूटर की असली प्रॉब्लम समझ मे आ जाती है। उसमें केवल सॉफ्टवेयर की दिक्कत आ रही थी, जो कि मेरे लिए कुछ मिनटों का ही काम था। लेकिन मेने सोचा कि अगर मेने इसे अभी ठीक कर के दे दिया तो मुझे बाद में भाभी से बात करने का मौका ही नही मिलेगा। यही वजह थी कि मैने भाभी से बहाना बना दिया कि आपके कंप्यूटर में कुछ सॉफ्टवेयर ना होने की वजह से दिक्कत आ रही है, ओर मैं कल आकर इसमें ठीक तरीके से सॉफ्टवेयर भी डाल दूँगा। इतना कहकर ही मैं वहां से चला गया था। घर पहुंचते ही मैं बस मोनिका भाभी के ख्यालों में डूब हुआ था। मोनिका भाभी के बारे में सोचते से ही मेरा लण्ड खड़ा होता जा रहा था। कुछ देर बाद मेने देखा की मेरी जेब मे भाभी की ब्रा रखी हुई है। मेरा लंड इतना ज्यादा तन चुका था कि मैं अपना होश ही पूरी तरह से खो चुका था। कुछ देर बाद ही मैं बाथरूम की तरफ गया और भाभी की ब्रा को लेकर अपने लन्ड पर रगड़ने लग गया था। भाभी की ब्रा के रगड़ने से मेरा लन्ड बहुत तेजी से खड़ा हो गया था। कुछ देर बाद ऐसे ही भाभी की ब्रा को रगड़ते हुए मेरा वीर्य ही बाहर आ गया था। उस समय मेने ठान लिया था कि मैं अब भाभी को किसी भी तरह से चोद कर ही रहूँगा।

अगले दिन मैं फिर से दोपहर के समय भाभी के घर पहुंच गया था। मैं तुरंत ही कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर डालने के अपने काम मे जुट गया था। अचानक ही मेरी नजर भाभी के ऊपर गयी, तो मैने देखा कि वह मेरी ही तरफ देख रही थी। तभी उन्होंने मुझसे पूछा कि “अच्छा आपकी कोई गर्लफ़्रेंड है?

नही अभी तो मेरी कोई गर्लफ्रैंड नही है। – मेने जवाब देते हुए कहा

इसके बाद ही भाभी टीवी चलाते हुए एक अंग्रेजी चैनल देखने लग गयी थी। तभी टीवी पर एक किसिंग सीन आता है जिसे देख कर मैं तो अपना मुंह बदल लेता हूँ। लेकिन मैं जैसे ही भाभी की तरफ देखता हूँ तो मेरे होश ही उड़ जाते है। भाभी उस सीन को देखते हुए अपनी योनि पर हाथ सहला रही थी, ओर वह साथ ही यह भी देख रही थी कि कहीं मैं उन्हें देख तो नही रहा हूँ। यह सब देख कर तो मेरा लन्ड ही खड़ा हो गया था, साथ ही मैं यह भी समझ गया था कि भाभी भी किसी के लन्ड की बहुत ज्यादा प्यासी हैं। खुशी-खुशी में अचानक से ही मेरे हाथ से मेरी कंप्यूटर का माउस छूट जाता है, ओर वह माउस सीधा पलंग के नीचे गिर जाता है। मैं जैसे ही माउस उठाने के लिए झुकता हूँ तो मेरी आँखें ही फटी रह जाती है। मैं देखता हूँ कि पलंग के नीचे एक डिलडो पड़ा हुआ था। अब तक मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि शायद भाभी के पति उन्हें यौन सुख नही दे पा रहे है इसलिए वे डिलडो का इस्तेमाल कर रही है।

अब तक मेरा काम पूरा हो चुका था, ओर मेने भाभी के नेटवर्क कनेक्शन को भी अब पूरी तरह से ठीक कर दिया था। बातों ही बातों में मैने भाभी का नम्बर भी ले लिया था। कुछ दिनों में ही मेने हिम्मत जुटाते हुए भाभी से व्हाट्सएप पर बातें करना शुरू कर दिया था। कुछ टाइम बाद भाभी भी मुझसे व्हाट्सएप पर खुल कर बातें करने लग गयी थी। मैं लड़कियों और भाभी से फ्लर्ट करने में बहुत माहिर था। यही वजह थी कि मैने भाभी को भी अपने जाल में फंसा लिया था। वो मेरे जाल में इसलिये भी फंस चुकी थी, क्योकि मेरे साथ ही वो भी चुदने की बहुत ज्यादा प्यासी थी। कुछ दिनों बाद भाभी ओर मैं सेक्स चैट भी करने लग गए थे। इसी दौरान भाभी ने मुझे बताया था कि उनके पति का लंड ठीक से खड़ा नही होता है साथ ही उनके पति मैं कामेच्छा की भी कमी है। बिस्तर में भी उनके पति जल्दी सन्तुष्ट हो जाया करते थे, जबकि भाभी पूरी तरह से संतुष्ट नही हो पाती थी। यही वजह थी कि भाभी कभी डिलडो तो कभी मोमबत्ती के सहारे चरम सुख का आनंद लेती थी।

भाभी ने मुझे यह भी बताया कि वह चुदाई की बहुत प्यासी है। बस इतना सुनने के बाद तो मुझे अपने सभी दरवाज़े खुले हुए नजर आने लगे थे। मेने बिना देरी किये आखिर भाभी से पूछ ही लिया कि “भाभी अगर आप चाहे तो मैं आपकी यौन कमी को पूरा कर सकता हूँ”। भाभी समझ गयी थी कि मैं उनसे सीधा सेक्स करने के बारे मे ही पूछ रहा हूँ इसलिये उन्होंने अगले ही दिन रात को मुझे अपने घर पर आने को कह दिया था। इस दिन का मै भी काफी बेसब्री से इंतजार कर रहा था।इसलिए अगले दिन भाभी के कहे अनुसार, मैं उनसे चुदाई करने के लिए उनके घर पर पहुंच गया था। मेरे आने पर ही भाभी ने अपना दरवाजा खोला और मुझे तुरंत ही अंदर बुला लिया था। मुझे भाभी के पति के आने का भी डर था, तभी उन्होंने मुझसे कहा कि “तुम चिंता मत करो मेरे पति अपने काम के सिलसिले से कई बाहर गए हुए है। यह सुनकर तो मैं ओर भी ज्यादा खुश हो गया था। अब मैं चुपचाप जाकर भाभी के साथ एक रूम में जाकर बैठ गया था। मुझे रूम में बैठाते ही भाभी ने कहा कि “तुम यही बैठो मैं दो मिनट में आती हूँ।

मुझे तो बिल्कुल सुहागरात के दिन जैसा महसूस हो रहा था। चुदाई के नाम से ही मेरी पेंट में एक लम्बा चौड़ा सा तम्बू तन चुका था। कुछ ही देर बाद भाभी फिर से कमरे में आती है। वो एक ब्लैक गाउन पहन कर आई थी, जो कि काफी मुलायम और हॉट नजर आ रहा था। उस गाउन में भाभी की गांड ओर बूब्स काफी उभरे हुए नजर आ रहे थे। मेने देखा की भाभी के हाथ मे एक शराब की बोतल भी थी| जिसे देख कर ही मैं ज़मझ चुका था कि भाभी आज काफी ज्यादा मूड में है। शायद मेरी तरह भाभी भी इस दिन का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रही थी। बातें करते हुए पता ही नही चला कि हम दोनों ने शराब के 4 से 5 लगा लिए थे। भाभी ओर मैं तो जैसे झूमने ही लग गए थे। शराब के नशे ने मेरी सारी शर्म को मिटा दिया था ओर अब मेरी हिम्मत और भी ज्यादा बढ़ती जा रही थी। मेने कुछ ही देर में भाभी के गाउन को उपर करते हुए उनकी पेंटी के अंदर हाथ डाल दिया था। अब मेने अपनी उंगली को भाभी की योनि के अंदर डाल दिया था। मैं अपनी उंगली को भाभी की योनि के अंदर बाहर किये जा रहा था। इस दौरान भाभी की सांसे तेज हो चुकी थी और वह बढ़ती हुई उत्तेजना के साथ सिसकारियां लेते हुए “आह आह अम्म ओह्ह आउच” की आवाजें निकाल रही थी।

कुछ 10 मिनट तक ऐसे ही मेने भाभी की योनि में उंगली करते हुए उनका पानी बाहर निकाल दिया था। मैं जल्दी से क्लाइमेक्स की तरफ नही जाना चाहता था, इसलिए मैं धीरे-धीरे बस भाभी की उत्तेजना को बढ़ाये जा रहा था। कुछ ही देर बाद मेने भाभी के गाउन को उतार कर नीचे फेंक दिया था। अब भाभी केवल ब्रा ओर पेंटी में ही मेरे सामने लेटी हुई थी। अभी में केवल ब्रा के ऊपर से भाभी के बूब्स को मसले जा रहा था। मैं उनके बूब्स को मसलते हुए लगातार उनके होंठो को भी चूमता ही जा रहा था। भाभी के बूब्स काफी टाइड थे उन्हें दबाने में मजा आ रहा था साथ ही उनके होंठ को चूमने भी मुझे काफी अच्छा लग रहा था। कुछ देर बाद भाभी का चेहरा भी किसी चुदासी औरत की तरह बन चुका था। अब मेने धीरे से उनकी ब्रा के हूक को भी खोलकर उनकी ब्रा को बूब्स से अलग कर दिया था। उनके बूब्स वाकई में लाजवाब थे। मैं तुरंत ही रसीले आमों की तरह उनके बूब्स को दबाता हुआ चूसे जा रहा था। इस दौरान भाभी मेरे पीठ को मसले जा रही थी। ऐसा लग रहा था कि वह पूरी तरह से अपना सबकुछ मुझे सौप चुकी है।

अब मैं भाभी की योनि के बीज को अपनी जीभ से चाट रहा था। इस दौरान भाभी मेरे सर पर हाथ फेरतें हुए मुझे योनि को चूमने में मदद कर रही थी। उनके मुंह से लागातर “आह आह ओह ओर जोर से करो” कि आवाजें आ रही थी। कुछ देर तक तो मैं ऐसे ही भाभी की योनि को चाटता रहा और फिर भाभी ने मुझे धक्का देते हुए बिस्तर पर सीधा लेटा दिया था। उन्होंने चुदासी औरत की तरह बिल्कुल फुर्ती में मेरा लन्ड पेंट में से बाहर निकाला ओर फिर उन्होंने उसे हिलाते हुए मेरा पूरा लंड ही अपने मुंह मे उतार लिया था। भाभी पूरे मजे से मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर-बाहर किये जा रही थी। इस दौरान मुझे काफी मजा आ रहा था और मेरे मुंह से “आह भाभी आह, आप बहुत अच्छी हो आह” कर के आवाजें निकल रही थी। कुछ देर तक तो भाभी ऐसे ही मेरे लन्ड को गीला करती रही और फिर अचानक से ही मेरी योनि मे से मेरा गाढ़ा वीर्य निकल कर भाभी के मुंह मे चला गया था। मेरा वीर्य भी इतनी तेजी से निकला कि मैं भाभी को बता भी नही पाया था। लेकिन मुझे हैरानी तो तब हुई जब मैने देखा कि भाभी ने मेरे गर्म वीर्य को अपने गले मे ही उतार लिया था।

एक बार झड़ जाने के बाद भी मेरा लण्ड बहुत ज्यादा कड़क था। भाभी भी एक बार अपना पानी छोड़ चुकी थी, लेकिन अभी भी वह चुदने की बहुत ज्यादा प्यासी लग रही थी। कुछ देर बाद ही भाभी मेरे लंड के ऊपर आकर मेरे लंड को अपनी चुत की दीवार पर सेट करने लगी और फिर उन्होंने सीधे मेरे लण्ड को अपनी चुत के अंदर तक डाल लिया था। मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मेने अपने लंड को किसी गर्म भट्टी में डाल दिया हो। भाभी की चूत के अंदर जैसे जैसे मेरा लण्ड अंदर बाहर होना शुरू हुआ मेने देखा कि उनकी चुत मेरे लन्ड को अंदर की तरफ जकड़े जा रही है। मुझे काफी ज्यादा मजे आ रहे थे। कुछ देर तक तो भाभी मुझसे ऐसी ही पोजिशन में चुदती रही और फिर उसके बाद मेने भाभी को घुटने के बल घोड़ी बना दिया था। अब मेने भाभी की कमर को पकडते हुए बस एक ही झटके में अपने पूरे लन्ड को भाभी की चूत में उतार दिया था। मेरा लन्ड भाभी की चूत को चीरता हुआ पूरा अंदर तक जा चुका था। मेरी अचानक की कार्यवाही से भाभी के मुंह से भी तेज चीख निकल गयी थी। अब मैं भाभी की कमर को पकड़कर घुड़सवारी की तरह उन्हें झटके दिए जा रहा था। इसके बाद भाभी ओर मैं 69 पोजिशन में आ गए थे और हमने बहुत देर तक इसी पोजिशन में चुदाई की ओर फिर हम थोड़ा ब्रेक लेकर रात भर ऐसे ही चुदाई के मजे लिए थे। उस दिन के बाद भाभी ओर मैं समय मिलने पर हमेशा ऐसे ही चुदाई का मजा लिया करते थे।

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